राज्य ब्यूरो, कोलकाता । कोलकाता नगर निगम (केएमसी) चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की बंपर जीत के बाद पार्टी सुप्रीमो व बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को नवनिर्वाचित पार्षदों के साथ बैठक के बाद नए मेयर के नाम का भी एलान कर दिया। मुख्यमंत्री ने मंत्री फिरहाद हकीम पर एक बार फिर भरोसा जताते हुए कोलकाता के नए मेयर के रूप में उनके नाम का एलान किया। उन्हें केएमसी में पार्टी का नेता के रूप में चुना गया। इसके साथ ही अतिन घोष उपमेयर होंगे। इसके अलावा दक्षिण कोलकाता से सांसद माला राय कोलकाता नगर निगम की चेयरमैन होंगी।

तृणमूल सुप्रीमो ममता ने सभी 134 विजयी पार्षदों के साथ महाराष्ट्र निवास में बैठक के बाद इनके नाम का एलान किया। इस मौके पर नए मेयर परिषद सदस्यों और बोर्ड चेयरमैन के नामों की भी घोषणा की गई। उपमेयर अतिन घोष को लेकर कुल 13 मेयर परिषद सदस्य होंगे। जानकारी के अनुसार, नवनिर्वाचित पार्षदों को 27 दिसंबर को शपथ दिलाई जाएगी और 28 दिसंबर को मेयर का आधिकारिक चुनाव और शपथ ग्रहण समारोह होगा। ममता ने इस मौके पर कहा कि यह टीएमसी की जीत नहीं है, बल्कि यह मां, माटी, मानुष की जीत है। सभी लोगों के समर्थन से जीत मिली है। जिस तरह से पहले काम किया है। उसी तरह से आगे भी काम करेंगे। यह चुनाव गणतंत्र का उत्सव था और कुप्रचार के बावजूद यह जीत मिली है। उन्होंने पार्षदों से कहा कि जितना जीतेंगे, उतना विनम्र होना होगा। टीएमसी में अहंकार का कोई स्थान नहीं है। लोगों को एक साथ मिलकर काम करना होगा। बता दें कि केएमसी चुनाव में टीएमसी ने बंपर जीत हासिल की है। कुल 144 वार्डों में से 134 पर टीएमसी ने जीत हासिल की है जबकि मुख्य विपक्षी भाजपा को महज तीन एवं कांग्रेस व वाममोर्चा को दो-दो सीटों पर जीत मिली है। तीन सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है।

हर छह माह में कोलकाता निगम के काम की होगी समीक्षा

इस अवसर पर ममता ने यह भी कहा कि अब हर छह माह के बाद कोलकाता नगर निगम के कामों की समीक्षा होगी। काम नहीं करने पर कार्रवाई करने में देरी नहीं होगी। काम ज्यादा और बात कम। बात कम करना होगा और काम ज्यादा करना होगा। ममता ने कहा, हम चाहते हैं कि कोलकाता सबसे वेस्ट हो। कोलकाता को सबसे अच्छा बनाना होगा।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस भी रहे हैं कोलकाता के मेयर

बताते चलें कि कोलकाता नगर निगम का अपना अलग इतिहास रहा है। इसे और महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि आजादी के सबसे बड़े महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस कोलकाता के मेयर रह चुके हैं। 22 अगस्त 1930 से 15 अप्रैल 1931 तक नेताजी कोलकाता नगर निगम में मेयर की कुर्सी पर आसीन थे। उनके बाद बंगाल के पहले मुख्यमंत्री विधान चंद्र राय ने अप्रैल 1931 से अप्रैल 1932 तक मेयर का पदभार संभाला था। वहीं, कोलकाता नगर निगम के पहले मेयर देशबंधु चित्तरंजन दास थे। इनका कार्यकाल अप्रैल 1924 से अप्रैल 1925 था। इनके बाद से अब तक कोलकाता में 39 मेयर चुने गये हैं। बता दें कि कोलकाता नगर निगम की स्थापना 16 अप्रैल, 1924 को हुई थी। शुरुआती समय में मेयर का कार्यकाल एक साल का होता था जो 1985 तक बदस्तूर जारी रहा। 1985 में कलकत्ता म्युनिसिपल कारपोरेशन एक्ट में संशोधन किया गया जिसके तहत मेयर का कार्यकाल एक साल से बढ़ाकर पांच साल कर दिया गया।

कोलकाता नगर निगम के नए पदाधिकारियों के नाम

मेयर- फिरहाद हकीम

चेयरमैन- माला राय

डिप्टी मेयर- अतिन घोष

मेयर परिषद के सदस्य

डिप्टी मेयर- अतिन घोष

1. देबाशीष कुमार

2. देबब्रत मजूमदार

3. तारक सिंह

4. स्वप्न समादार

5. बाबू बक्सी

6. संदीपन साहा

7. बैस्वनार चटर्जी

8. जीवन साहा

9. अमीरुद्दीन बाबी

10. अभिजीत मुखर्जी

11. राम प्यारे राम

12. मिताली बनर्जी

बोरो चेयरमैन

1- तरुण सहाय

2- शुक्ला भोर

3- अनिंद्य राउत

4- साधना बोस

5- रेहाना खातून

6- सना अहमद

7- सुष्मिता भट्टाचार्य

8- चैताली चटर्जी

9- देबलीना विश्वास

10- जूही विश्वास

11- तारकेश्वर चक्रवर्ती

12- सुशांत घोष

13- रत्ना सून

14- संहिता दासो

15- रंजीता शील

16- सुदीप पाली 

Edited By: Priti Jha