कोलकाता, राज्य ब्यूरो। बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के महिषादल ब्लाक में तृणमूल कांग्रेस नियंत्रित चकद्वारिबेड़ा ग्राम कमेटी ने अजीबोगरीब फरमान जारी किया है। 12-सूत्री इस फरमान में कहा गया है कि ग्राम कमेटी के अधिकार क्षेत्र में आने वाले घरों में मांगलिक अथवा श्राद्ध कार्यक्रम करने पर ग्राम कमेटी को इसकी सूचना देनी होगी और उससे इसके आयोजन की मंजूरी लेनी होगी। गांव की किसी लड़की के भागकर शादी करने अथवा लड़के के किसी को ब्याह कर घर लाने पर ग्राम कमेटी को सजा के तौर पर हर्जाना देना होगा।

मुसलमानों को जमीन बेचने की मनाही

फरमान में आगे कहा गया है कि गांव का कोई वाशिंदा मुसलमानों को अपनी जमीन नहीं बेच पाएगा। कोई भी समस्या होने पर प्रशासन से संपर्क करने के बजाए ग्राम कमेटी के पास आना होगा। पारिवारिक झगड़ा व पड़ोसियों से विवाद होने पर ग्राम कमेटी को इसकी जानकारी देनी होगी। इस फरमान के प्रचार-प्रसार के लिए लिफलेट बांटे जा रहे हैं।

फरमान पर सियासी घमासान

इस बीच इसे लेकर विवाद शुरू होते ही ग्राम कमेटी के सचिव प्रणब दास ने कहा कि उन्होंने इसकी जानकारी नहीं है। लिफलेट में कहीं भी सभापति अथवा सचिव के नाम का उल्लेख नहीं है। दूसरी तरफ स्थानीय भाजपा नेता स्वपन दास ने दावा किया कि ग्राम कमेटी के सभापति व सचिव ही घर-घर जाकर लिफलेट बांट रहे हैं। तृणमूल के लोग प्रशासन से इतर अपने तरीके से ग्राम कमेटी चलाने की कोशिश कर रहे हैं। योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने से पहले वहां जिस तरह से फतवा जारी किया जाता था, यहां भी वैसे ही तुगलकी फरमान जारी किया जा रहा है। भाजपा की तरफ से इसकी जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक व संबंधित सरकारी विभागों के पदाधिकारियों से शिकायत की गई है। जिलाधिकारी पुर्णेंदु माजी ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है। गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस ने 2019 में इस ग्राम कमेटी पर कब्जा जमाया था। यहां की 13 सीटों में से 10 पर उसका कब्जा है। बाकी तीन पर भाजपा के प्रतिनिधि हैं।

Edited By: Sumita Jaiswal