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    पुलिस नहीं CRPF देखेगी बंगाल के राजभवन की सुरक्षा, राज्यपाल ने पत्र लिखकर कहा उन्हें किया जा रहा टैप और ट्रैक

    By Jagran NewsEdited By: Ashisha Singh Rajput
    Updated: Thu, 28 Sep 2023 11:50 PM (IST)

    बंगाल के राज्यपाल और ममता सरकार के बीच टकराव और बढ़ता जा रहा है। राज्यपाल पर निगरानी रखने की बातें कहते हुए राजभवन ने अपने परिसर के अंदर से कोलकाता पुलिस के सभी कर्मियों को हटाने का अनुरोध किया है। राज्यपाल ने राज्य सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर कहा है कि उन्हें डर है कि उन्हें टैप और ट्रैक किया जा रहा है।

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    कोलकाता पुलिस मुख्यालय की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं

    कोलकाता, राज्य ब्यूरो। बंगाल के राज्यपाल और ममता सरकार के बीच टकराव और बढ़ता जा रहा है। राज्यपाल पर निगरानी रखने की बातें कहते हुए राजभवन ने अपने परिसर के अंदर से कोलकाता पुलिस के सभी कर्मियों को हटाने का अनुरोध किया है। राज्यपाल ने राज्य सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर कहा है कि उन्हें डर है कि उन्हें 'टैप और ट्रैक' किया जा रहा है।

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    अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली के लिए किया अनुरोध

    इसके साथ ही उन्होंने राजभवन में जैमर लगाने सहित अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली के लिए अनुरोध किया है। सूत्रों के अनुसार राज्यपाल ने राजभवन की पहली मंजिल से कोलकाता पुलिस कर्मियों को हटाने और उनकी जगह सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) से लिए गए अपने निजी सुरक्षा गार्डों को तैनात करने का अनुरोध किया है। राजभवन की पहली मंजिल पर आवासीय क्वार्टर और विभिन्न कार्यालय हैं।

    क्या चाहते हैं राज्यपाल?

    सूत्रों ने बताया कि राज्यपाल चाहते हैं कि कोलकाता पुलिस के जवान केवल राजभवन के भूतल, उसके प्रवेश और निकास बिंदुओं, उद्यानों और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी करें। बोस ने यह भी निर्देश दिया है कि राजभवन में तैनात पुलिसकर्मियों को बदलते रहना चाहिए। जनवरी में, बोस को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जेड-प्लस सुरक्षा प्रदान की थी।

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    वर्तमान में राजभवन में कोलकाता पुलिस के लगभग 60 कर्मी तैनात हैं। हालांकि, इस मामले में कोलकाता पुलिस मुख्यालय की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई। वहीं, राज्य सरकार की ओर से भी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस घटनाक्रम को राजभवन और राज्य सचिवालय के बीच झगड़े के एक और दौर की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

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