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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

West Bengal: शिक्षिका के पिता ने बच्चे के साथ किया था कुकृत्य, अब कोर्ट ने सुनाई 20 साल कैद की सजा

Published: Wed, 08 Jan 2025 02:37 AM (IST)

बंगाल के सॉल्टलेक में एक पांच साल के बच्चे के यौन शोषण के मामले में उत्तर 24 परगना की बारासात ...और पढ़ें

ट्यूशन पढ़ाने वाली शिक्षिका के पिता ने बच्चे के साथ किया था कुकृत्य (सांकेतिक तस्वीर)
ट्यूशन पढ़ाने वाली शिक्षिका के पिता ने बच्चे के साथ किया था कुकृत्य (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. बच्चे के यौन शोषण के मामले में दोषी को 20 साल की कैद
  2. ट्यूशन पढ़ाने वाली शिक्षिका के पिता ने बच्चे के साथ किया था कुकृत्य

 राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता। कोलकाता से सटे साल्टलेक में एक पांच साल के बच्चे के यौन शोषण के मामले में उत्तर 24 परगना की बारासात की पॉक्सो अदालत ने मंगलवार दोषी को 20 साल की कैद की सजा सुनाई। 62 साल के शख्स पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। ट्यूशन पढने जाने के दौरान शिक्षिका के पिता ने बच्चे का यौन शोषण किया था।

15 जनवरी, 2020 को पूर्व बिधाननगर पुलिस स्टेशन में बच्चे के माता-पिता ने इस मामले की एफआइआर दर्ज कराई थी। एफआइआर के मुताबिक सॉल्टलेक का रहने वाला बच्चा हर शाम ट्यूशन पढने के लिए एक टीचर के घर जाता था। उसके पिता या मां उसे प्रतिदिन वहां छोड़ने या लाने जाते थे।

बच्चे ने पेरेंट्स को बताई आपबीती

परिजन की शिकायत थी कि बच्चा कई दिनों से ट्यूशन नहीं जाना चाहता था। ट्यूशन जाने की बात सुनकर वह डर जाता था और रोने लगता था। उन्होंने सोचा कि बच्चा शायद ट्यूशन नहीं जाने की मंशा से बदमाशी कर रहा है। उन्होंने उसे जबरदस्ती ट्यूशन पढने भेज दिया। इसके बाद ट्यूशन से लौटने पर बच्चे ने माता-पिता को यौन शोषण के बारे में बताया। इसके बाद उन्होंने पूर्व बिधाननगर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

सहकारी समिति के चुनाव में हिंसा पर पुलिस रिपोर्ट पर हाई कोर्ट ने जताया असंतोष

कलकत्ता हाई कोर्ट ने तमलुक-घाटाल सहकारी समिति के चुनाव में हुई हिंसा पर पुलिस की ओर से पेश की गई रिपोर्ट पर असंतोष जताया है। न्यायाधीश जय सेनगुप्ता की एकल पीठ ने पूर्व मेदिनीपुर के पुलिस अधीक्षक से इसपर फिर से रिपोर्ट मांगी है। एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट जमा करने को कहा गया है। मालूम हो कि चुनाव के दौरान हिंसा की घटना की एनआइए जांच के लिए भाजपा की ओर से हाई कोर्ट में मामला दायर किया गया है।

न्यायाधीश जय सेनगुप्ता की पीठ ने पिछली सुनवाई में इस मामले पर पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी। भाजपा का आरोप है कि पिछले साल आठ दिसंबर को हुए मतदान के दिन स्थानीय भाजपा नेत्री मामोनी जाना को निशाना करके बम फेके गए थे, जिसमें वह जख्मी हो गई थीं। चुनाव के बाद वाले दिन मामोनी के घर के पास से बमों से भरा एक ड्रम बरामद हुआ था। स्थानीय भाजपा नेताओं ने पुलिस पर मामले की जांच में निष्क्रिय बने रहने का भी आरोप लगाया है।

बड़े परिमाण में बमों की बरामदगी गंभीर

उनका कहना है कि उनकी नेत्री पर हमला व इतने बड़े परिमाण में बमों की बरामदगी गंभीर मामला है। इसकी एनआइए जांच जरुरी है। मालूम हो कि तमलुक सहकारी समिति की 69 सीटों में से 56 पर बंगाल में सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों ने भारी मतों से जीत दर्ज की थी जबकि शेष 13 सीटें भाजपा की झोली में आई थीं।