कोलकाता, राज्य ब्यूरो। कोरोना के कहर से इस समय जहां पूरे देश में हाहाकार मचा है। वहीं, ऐसे समय में भी भारत-बांग्लादेश सीमा पर मानव तस्करी जैसे घिनौने अपराधों में लिप्त गिरोह व इससे जुड़े दलाल अपनी हरकत से बाज नहीं आ रहे हैं। मानव तस्करी में शामिल दलाल बांग्लादेश की गरीब व भोली- भाली लड़कियों व महिलाओं को भारत में अच्छी नौकरी व पैसा आदि का लालच देकर अवैध तरीके से अंतरराष्ट्रीय सीमा आर- पार कराने की कोशिश कर रहे हैं।

हालांकि मानव तस्करी के लिए कुख्यात दक्षिण बंगाल बॉर्डर पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के जवान तमाम चुनौतियों के बावजूद कई मोर्चों पर एक साथ कारगर तरीके से लड़ते हुए मानव तस्करों के मंसूबों को लगातार विफल कर रहे हैं। इसी क्रम में बीएसएफ की 99वीं वाहिनी के जवानों ने बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में सीमा चौकी रनघाट इलाके में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास से एक भारतीय दलाल को दो बांग्लादेशी लड़कियों को अवैध तरीके से सीमा पार कराकर भारत में लाने की कोशिश करते समय गिरफ्तार किया है। इस तरह बीएसएफ ने दलाल के शिकंजे से दोनों लड़कियों को मुक्त करा कर उनका जीवन बर्बाद होने से बचा लिया।दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के प्रवक्ता व डीआइजी सुरजीत सिंह गुलेरिया ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि इनमें एक नाबालिग लड़की है और उसे (लड़की को) देह व्यापार के धंधे में बेचने की योजना थी। परंतु बीएसएफ ने साजिश को विफल कर दिया।

भागने की कोशिश की, जवानों ने पीछा करके पकड़ा

गुलेरिया ने बताया कि बीएसएफ की खुफिया शाखा को सीमा चौकी रनघाट के इलाके में मानव तस्करी की सूचना मिली। जिसके आधार पर जवानों ने कोडिला नदी के किनारे पर एक विशेष घात लगाया। रात के समय घात लगाए जवानों ने चार संदिग्ध व्यक्तियों को बांग्लादेश की ओर से आते देखा। जैसे ही वो जवानों के समीप पहुंचे तो जवानों ने उन्हे रुकने को कहा, जिस पर वे लोग भागने लगे। लेकिन मुस्तैद जवानों ने तीन लोगों को पकड़ लिया। हालाकि एक व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठाकर वापस बांग्लादेश भागने में कामयाब हो गया। प्रारंभिक पूछताछ में पकड़े गए दलाल ने अपनी पहचान प्रसन्नजीत मंडल (30), गांव राजकोल, थाना बागदा, जिला उत्तर 24 परगना, पश्चिम बंगाल बताया। वहीं, दोनों बांग्लादेशी लड़कियों ने अपनी पहचान शंकरी (काल्पनिक नाम, उम्र 15 वर्ष), जिला गोपालगंज एवं आजमिरा (काल्पनिक नाम, उम्र 28 वर्ष), जिला बागेरहाट, बांग्लादेश बताया।

मानव तस्करी व सभी प्रकार के सीमा अपराधों में शामिल होने की बात स्वीकारा

आगे पूछताछ करने पर दलाल ने स्वीकार किया कि वह सभी प्रकार के सीमा पार अपराधों और मानव तस्करी में लिप्त है और लोगों को गैर कानूनी तरीके से सीमा पार कराता है। उसने दोनों बंग्लादेशी महिलाओं को तस्करी के लिए लेकर आया था और उनसे सीमा पार कराने के 6,000 रुपये लिए थे।

पिता ने चार अनजान लोगों के साथ नाबालिग बेटी को भेजा था

नाबालिग लड़की ने पूछताछ में बताया कि उसके पिता ने उसको चार अनजान लोगों (कथित दलालों) के साथ काम के बहाने से भेजा था, लेकिन उसको कहां जाना है, क्या करना है कुछ पता नहीं है। वहीं, दूसरी महिला आजमीरा (काल्पनिक नाम) ने बताया कि वह बाबू नाम के अपने एक मित्र से मिलने के लिए भारत आ रही थी जिसका नाम और पता नहीं जानती, लेकिन दलाल ने उसे उसके दोस्त तक पहुंचने के लिए 3,000 रुपये लिए हैं।

मानव तस्करी का है मामला

इधर, बीएसएफ डीआइजी गुलरिया के अनुसार, यह मामला पूर्णतया मानव तस्करी का है। एक नाबालिग लड़की को उसके परिवार वालों द्वारा किसी अनजान गंतव्य पर अनजान लोगों के साथ भारत भेज दिया जाता है, इससे प्रतीत होता है कि इस लड़की को कथित तौर पर देह व्यापार के अवैध धंधे के लिए बेच दिया गया है। मामले की गहराई से छानबीन के बाद ही हकीकत सामने आऐगी।गुलेरिया का कहना है कि अक्सर ऐसा देखा जाता है कि बांग्लादेशी लड़कियों को भारत में नौकरी आदि का प्रलोभन देकर मानव तस्कर झांसे में लेते हैं और सीमा पार कराकर भारत लाकर कोलकाता, मुंबई, बेंगलुरु जैसे शहरों में उसे देह व्यापार के धंधे में धकेल देते हैं।उन्होंने बताया कि इस साल अब तक बीते चार महीनों में बीएसएफ ने मानव तस्करी की लगभग 14 कोशिशों को विफल करते हुए कई बांग्लादेशी लड़कियों का जीवन तबाह होने से बचाया है। बीएसएफ ने आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए गिरफ्तार दलाल सहित दोनों बांग्लादेशी लड़कियों को पुलिस थाना बागदा के हवाले कर दिया है।

बीएसएफ की कड़ी चौकसी से पकड़े जा रहे दलाल : कमांडेंट

वहीं, 99वीं वाहिनी, बीएसएफ के कमांडेंट संजीव कुमार ने बताया कि भारत - बांग्लादेश सीमा पश्र मानव तस्करी और घुसपैठ को रोकने के लिए सीमा सुरक्षा बल कड़े कदम उठा रही है। जिससे इस प्रकार के अपराधों में लिप्त व्यक्तियों और दलालों को काफी मुश्किलों का अनुभव हो रहा है और उनमें से कई पकड़े जा रहे हैं और उन्हें कानून के मुताबिक सजाएं हो रही है। 

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