नागरिक स्वयंसेवक अब स्कूलों में नहीं गांव जाकर लेंगे कक्षाएं, छात्रों के कौशल में सुधार के लिए विशेष पहल
पुलिस अधीक्षक वैभव तिवारी ने कहा कि स्कूल की कक्षा का इस पहल से कोई लेनादेना नहीं। गांव के कई छात्रों को अलग से ट्यूशन लेने का अवसर नहीं मिलता है। इसलिए नागरिक स्वयंसेवक बच्चों के कौशल को बढ़ाने के लिए स्कूल के समय के बाहर विशेष पाठ देंगे।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता: नागरिक स्वयंसेवक अब स्कूलों के बजाय गांव के एक क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय के छात्रों के लिए कक्षाएं लेंगे। इसका स्कूल की कक्षाओं से कोई लेनादेना नहीं है। निर्दिष्ट स्कूल समय के बाहर छात्रों के कौशल में सुधार के लिए विशेष पाठ प्रदान करने के लिए यह पहल की गई है। बांकुड़ा जिला पुलिस ने गुरुवार को विवाद के बीच एक बयान में यह बात कही।
पुलिस ने यह भी दावा किया कि नागरिक स्वयंसेवकों के साथ प्राथमिक विद्यालय के छात्रों के लिए कक्षाएं लेने के लिए अंकुर नामक कार्यक्रम के बारे में लोगों को गुमराह किया जा रहा है। हमारी पहल का मकसद बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना और आने वाली पीढ़ियों के साथ बेहतर संबंध बनाना है। कुछ लोग इस पहल को नियमित स्कूली कक्षाओं की जगह लेने की कोशिश बताकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। जो पूरी तरह से गलत, तोड़-मरोड़ कर पेश की गई गलत सूचना है।
बांकुड़ा के पुलिस अधीक्षक वैभव तिवारी ने कहा कि स्कूल की कक्षा का इस पहल से कोई लेनादेना नहीं है। उनके मुताबिक गांव के कई छात्रों को अलग से ट्यूशन लेने का अवसर नहीं मिलता है। इसलिए, नागरिक स्वयंसेवक बच्चों के कौशल को बढ़ाने के लिए स्कूल के समय के बाहर विशेष पाठ देंगे। जिला पुलिस के बयान में यह भी कहा गया है, अंतर्राष्ट्रीय मानक शिक्षाशास्त्र पर आयोजित की जाने वाली कक्षाएं पूरी तरह से मुफ्त कोचिंग कक्षाओं के रूप में स्कूल की नियमित कक्षाओं के साथ संचालित की जाएंगी।
इस संदर्भ में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार ने कहा कि अगर यह वास्तव में पूरक कक्षाएं हैं तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन, अगर नागरिक स्वयंसेवकों द्वारा शिक्षण किया जा रहा है तो यह सही नहीं है, क्योंकि वे शिक्षक नहीं हैं। राज्य सरकार को श्वेतपत्र जारी करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षक कोई भी बन सकता है। लेकिन वह पढ़ाने के योग्य होना चाहिए।
स्कूल छात्रों के लिए एक परिचित जगह है और सीखने के लिए अनुकूल वातावरण है। इसलिए अंकुर कार्यक्रम में विशेष पाठ पढ़ाने के लिए स्कूल का चयन किया गया है। हालांकि एसपी ने गुरुवार को कहा कि विवाद के चलते यह क्लास गांव के ही एक इलाके में ली जाएगी। नागरिक स्वयंसेवक शुरू में छात्रों को गणित और अंग्रेजी में विशेष पाठ देंगे।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि छात्रों की कक्षाएं लेने के लिए जिन 150 निकाय स्वयंसेवकों का चयन किया गया है, वे पढ़ाई में अच्छे हैं। राज्य के शिक्षा मंत्री ने गुरुवार को कहा कि यह स्थानीय स्तर पर प्रशासन का फैसला है। स्कूल शिक्षा विभाग से स्वीकृति नहीं मिली है। इसलिए यह कार्यक्रम फिलहाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। उसके बाद बांकुड़ा जिला पुलिस ने इस बारे में अपना बयान दिया।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।