राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कोरोना पर काबू पाने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन में छूट के प्रभावी होने के साथ ही हावड़ा व कोलकाता में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर गये। इससे सामाजिक दूरी के नियमों का उल्लंघन हुआ। साथ ही, कई इलाकों में खासी संख्या में वाहन भी नजर आए। लॉकडाउन के दौरान बंद रहीं कई दुकानें भी छूट के साथ फिर से खुल गईं। लोगों ने सीमित सार्वजनिक परिवहन सेवा का लाभ उठाया या दोपहिया और कारों से अपने कार्यस्थलों तक गए। खासकर गुरुवार को हावड़ा ब्रिज पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।

जी हां, गुरुवार को हावड़ा ब्रिज को देखकर यह कही से भी नहीं लगा कि लॉकडाउन यानी सरकार की ओर से सख्ती बरती गई है। ऑफिस टाइम से ही चार चक्के व दो चक्के के वाहनों की भीड़ बढ़ती गयी। दोपहर एक बजे से यह भीड़ और बढ़ने लगी। इन्हें बढ़ते देख हावड़ा ब्रिज ट्रैफिक गार्ड की पुलिस नाका चेकिंग पर उतर गई। कोलकाता पुलिस के सार्जेंट सभी तरह की गाड़ियों को रोककर यह पूछने लगे कि वे लोग किस काम से बाहर निकले हैं। इनमें से जो भी बिना काम के निकला उनके खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की। इस बारे में ब्रिज पर मौजूद कोलकाता पुलिस के सार्जेंट ने कहा कि गुरुवार की सुबह से अचानक गाड़ियों की भीड़ ज्यादा हो गई है जो कि और दिनों के मुकाबले अधिक है। ऐसे में हम उन गाड़ियों की जांच कर रहे हैं जो बिना काम के रोड पर निकली हैं।

राज्य सरकार की ओर से जैसे ही रिटेल दुकान खोलने की अनुमति दे दी गई तभी से हावड़ा ब्रिज पर वाहनों की संख्या सामान्य दिनों की तरह हो गई। लोगों से यह पूछने पर कि वे किस काम से निकले हैं तो उनका उत्तर होता है कि उनकी दुकानें हैं। वे खोलने के लिए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि इस अनुम​ति के बाद से ही हावड़ा ब्रिज पर गाड़ियों की संख्या बढ़ गई है। इसके कारण नाका चेकिंग शुरू की गई। वहीं बुधवार को एक समय ऐसा आया कि वाहनों को बिना चेकिंग के ही छोड़ देना पड़ा क्योंकि लाइन हावड़ा ब्रिज की दूसरी छोर तक पहुंच गई थी। 

Edited By: Priti Jha