यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bengal Panchayat Election: पंचायत चुनाव में नामांकन वापस लेने पर बताना होगा कारण, आयोग ने दिया आदेश
बंगाल में पंचायत चुनाव आठ जुलाई को एक चरण में होंगे। भाजपा ने नामांकन दाखिल करने के लिए न्यूनतम 12 ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। यदि कोई व्यक्ति राज्य में पंचायत चुनाव के लिए उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन वापस लेना चाहता है, तो उसे कारण भी दिखाना होगा। चुनाव आयोग ने सोमवार को यही आदेश दिया है। आयोग ने जिलाधिकारियों को पत्र से मामले की पुष्टि करने को कहा है।
नामांकन वापस लेने के लिए मजबूर करने का लगा आरोप
आरोप है कि पंचायत चुनाव से पहले राज्य के विभिन्न हिस्सों में उम्मीदवारों को अपना नामांकन वापस लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इस संबंध में ही आयोग ने कारण बताओ आदेश दिया है। पंचायत चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया नौ जून से शुरू हो चुकी है। 15 जून तक चलेगी। यानी रविवार की छुट्टियों को छोडक़र आयोग ने नामांकन जमा करने के लिए छह दिन का समय दिया है।
आठ जुलाई को एक चरण में होंगे पंचायत चुनाव
पंचायत चुनाव आठ जुलाई को एक चरण में होंगे। भाजपा ने नामांकन दाखिल करने के लिए न्यूनतम 12 दिन का समय मांगा है। मतदान के दिन की घोषणा के बाद से ही राज्य के विभिन्न हिस्सों से नामांकन को लेकर अशांति की शिकायतें आनी शुरू हो गई हैं।
सुती और हरिहरपारा से ताजा बम किए बरामद
मुर्शिदाबाद के खरग्राम में पहले दिन तृणमूल पर एक कांग्रेस कार्यकर्ता की हत्या का आरोप लगा है। मुर्शिदाबाद के सुती और हरिहरपारा से कई ताजा बम बरामद किए गए हैं। नदिया के नकाशीपारा में रविवार रात कांग्रेस प्रत्याशी के घर पर हमले की सूचना मिली है।
विपक्ष ने सत्ता पक्ष पर लगाए आरोप
इसके अलावा सोमवार को नामांकन पत्र जमा करने को लेकर विपक्ष ने सत्ता पक्ष पर तरह-तरह के आरोप लगाए हैं। हालांकि, स्थानीय तृणमूल के नेताओं ने प्रत्येक मामले में इससे इनकार किया है। शुक्रवार और शनिवार को हुए पंचायत चुनाव में भाजपा ने अब तक के सबसे ज्यादा नामांकन दाखिल किए हैं। उस सूची में तृणमूल के बाद माकपा और कांग्रेस हैं।
