Bengal Assembly: बंगाल विधानसभा में स्पीकर ने ठुकराया स्थगन प्रस्ताव तो BJP ने किया वॉकआउट
बंगाल में मुख्य विपक्षी भाजपा के विधायकों ने राज्य में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार पर तत्काल चर्चा की मांग के लिए लाए गए कार्य स्थगन प्रस्ताव को स्पीकर द्वारा खारिज किए जाने पर बुधवार को विधानसभा से वॉकआउट किया।विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायक अग्निमित्रा पाल ने महिलाओं के खिलाफ अत्याचार व उत्पीड़न पर चर्चा की मांग करते हुए प्रस्ताव लाया

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में मुख्य विपक्षी भाजपा के विधायकों ने राज्य में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार पर तत्काल चर्चा की मांग के लिए लाए गए कार्य स्थगन प्रस्ताव को स्पीकर द्वारा खारिज किए जाने पर बुधवार को विधानसभा से वॉकआउट किया।
विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायक अग्निमित्रा पाल ने महिलाओं के खिलाफ अत्याचार व उत्पीड़न पर चर्चा की मांग करते हुए प्रस्ताव लाया, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने इसकी इजाजत नहीं दी। इससे नाराज सभी भाजपा विधायक विरोध जताते हुए सदन से बाहर निकल गए।
विधायकों ने किया सदन से वॉकआउट
इसके बाद विधायकों ने सदन के बाहर राज्य सरकार और स्पीकर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पंचायत चुनाव में हिंसा की शिकार हुईं कुछ भाजपा समर्थक महिलाएं भी थीं, जिनको लेकर विधायकों ने प्रदर्शन किया।
पत्रकारों से बातचीत में अग्निमित्रा पाल ने कहा कि हमें विधानसभा में महिलाओं के उत्पीड़न के बारे में बोलने की अनुमति नहीं है। मालदा में दो आदिवासी महिलाओं को निर्वस्त्र करके घुमाने के मामले हो अथवा आठ जुलाई को पंचायत चुनाव के दिन हावड़ा के पांचला में भाजपा की महिला उम्मीदवार को परेड कराने की घटना हो, राज्य में हर दिन महिलाएं अत्याचार का शिकार हो रही हैं। हम इसपर चर्चा चाहते थे। हम मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की निंदा करते हैं जो एक महिला होने के नाते बंगाल की महिलाओं की रक्षा नहीं कर सकतीं।
मेरी टेबल पोस्ट ऑफिस नहीं- स्पीकर
इधर, स्पीकर बिमान बनर्जी ने भाजपा के कार्य स्थगन प्रस्ताव को खारिज करने के अपने फैसले को उचित ठहराते हुए कहा कि मेरी टेबल कोई पोस्ट ऑफिस नहीं है। स्पीकर ने बाद में कहा कि किसी भी मामले पर चर्चा की मांग के लिए उचित प्रक्रिया है। स्पीकर की मेज को एक डाकघर की तरह नहीं माना जा सकता है, जहां कोई व्यक्ति एक पत्र प्रस्तुत करके किसी भी विषय पर चर्चा की मांग कर सकता है, जब सदन का सत्र पहले से ही चल रहा हो। सदन में चर्चा इस तरह से नहीं होती है। वहीं, तृणमूल विधायक इदरीस अली ने भी कहा, भाजपा हम पर बेबुनियाद आरोप लगा रही है क्योंकि वह देश की जनता को मणिपुर के बारे में जवाब नहीं दे पा रही है।
पंचायत चुनाव में हिंसा पर एक और कार्य स्थगन प्रस्ताव लाएगी भाजपा
इस बीच, विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने नई दिल्ली से कोलकाता लौटने के बाद कहा कि भाजपा विधायक दल पंचायत चुनाव में हुई हिंसा और राज्य में समग्र कानून व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा की मांग करते हुए इस सप्ताह एक और कार्य स्थगन प्रस्ताव पेश करेगा। उन्होंने आरोप लगाया है कि पिछले ढाई साल के दौरान भाजपा विधायकों द्वारा लाया गया एक भी स्थगन प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया।
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