विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

फर्जी पासपोर्ट के जरिए फ्रांस, इटली तक पहुंच गए हैं बांग्लादेशी घुसपैठिए, कोलकाता में गिरोह का भंडाफोड़

Published: Wed, 18 Dec 2024 11:45 PM (IST)

कोलकाता पुलिस का कहना है कि फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर बांग्लादेशी घुसपैठिए फ्रांस इटली और अन्य देशों तक पहुंच ...और पढ़ें

फर्जी पासपोर्ट के जरिए फ्रांस, इटली तक पहुंच गए हैं बांग्लादेशी घुसपैठिए (सांकेतिक तस्वीर)
फर्जी पासपोर्ट के जरिए फ्रांस, इटली तक पहुंच गए हैं बांग्लादेशी घुसपैठिए (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बनाए थे पासपोर्ट
  2. कोलकाता पुलिस ने विदेश मंत्रालय को दी जानकारी

राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता। कोलकाता पुलिस का कहना है कि फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर बांग्लादेशी घुसपैठिए फ्रांस, इटली और अन्य देशों तक पहुंच गए हैं। इस बारे में पुलिस ने विदेश मंत्रालय को भी जानकारी दी है।

पुलिस ने कुछ दिनों में पांच लोगों को किया गिरफ्तार

बता दें कि कोलकाता में फर्जी पासपोर्ट बनाने वाले गिरोह का राजफाश करते हुए पुलिस ने पिछले कुछ दिनों में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें डाकघर के दो संविदा कर्मचारी भी शामिल हैं। पुलिस का अनुमान है कि फर्जीवाड़े में कई और लोग शामिल हो सकते हैं।

कुछ महीनों में फर्जी पासपोर्ट गिरोह के सदस्यों ने 121 पासपोर्ट बनाए

पुलिस सूत्रों ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में फर्जी पासपोर्ट गिरोह के सदस्यों ने विभिन्न बांग्लादेशी नागरिकों को भारतीय बताकर 121 पासपोर्ट बनाए हैं। जिनमें से 73 पासपोर्ट क्षेत्रीय पासपोर्ट प्राधिकरण द्वारा जारी किए गए हैं। शेष 48 बनने का इंतजार था, जिसे ब्लॉक कर दिया गया है।

डाकघरों के साथ पासपोर्ट सेवा केंद्रों की भी होगी जांच

गिरोह का सरगना समरेश बिश्वास और उसका बेटा रिपन बिश्वास है, दोनों पुलिस की गिरफ्त में हैं। जांचकर्ता मामले में कई डाकघरों के साथ पासपोर्ट सेवा केंद्रों की भूमिका की भी जांच कर रहे हैं।

बांग्लादेशियों के नाम पर नकली आधार कार्ड बना दिए

फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बनाए थे पासपोर्ट पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपित सबसे पहले भारत में प्रवेश करने वाले बांग्लादेशियों के नाम पर नकली मतदाता और आधार कार्ड बनाते थे। इसके बाद सभी दस्तावेजों के साथ कोलकाता के विभिन्न क्षेत्रों में फर्जी पते पर पासपोर्ट के लिए आवेदन करते थे।

पासपोर्ट सेवा केंद्रों के कुछ कर्मचारी दस्तावेजों और सूचनाओं को सत्यापित किए बिना ही पासपोर्ट पोर्टल पर अपलोड कर देते थे। जब पासपोर्ट बन जाता था तो वे इसे पोस्ट ऑफिस से लेकर गिरोह के सरगना समरेश तक पहुंचा देते थे।

यह भी पढ़ें- फर्जी पासपोर्ट गिरोह मामले में CBI का दावा- आरोपियों ने जाली पहचान पत्रों का किया इस्तेमाल

समरेश से पूछताछ के बाद कई लोगों के नाम सामने आए

समरेश एक पासपोर्ट का बांग्लादेशियों से दो से पांच लाख रुपये तक लेता था। समरेश से पूछताछ के बाद कई लोगों के नाम सामने आए हैं। समरेश पहले भी पासपोर्ट फर्जीवाड़े के मामले में कोलकाता और दिल्ली में गिरफ्तार किया जा चुका है।

यह भी पढ़ें- TMC से होगी बागियों की छुट्टी? जल्द होंगे सांगठनिक फेरबदल, सीएम ममता ने दिए संकेत