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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत से मात्र 12 किमी की दूरी पर बंद एयरबेस को शुरू करेगा बांग्लादेश, चीन-पाकिस्तान का मिल रहा सपोर्ट

Published: Tue, 27 May 2025 11:30 PM (IST)

बांग्लादेश में एक पुराने एयरबेस को फिर से शुरू करने की सुगबुगाहट ने भारत की खुली सीमा को और संवेदनशील ...और पढ़ें

भारत से मात्र 12 किमी की दूरी पर बंद एयरबेस को शुरू करेगा बांग्लादेश (सांकेतिक तस्वीर)
भारत से मात्र 12 किमी की दूरी पर बंद एयरबेस को शुरू करेगा बांग्लादेश (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. पाकिस्तान और चीन के अधिकारियों ने किया दौरा
  2. केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी चिंता

जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी। बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास हाल के घटनाक्रमों ने केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।

केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की चिंता

खास तौर पर बांग्लादेश में एक पुराने एयरबेस को फिर से शुरू करने की सुगबुगाहट ने भारत की खुली सीमा को और संवेदनशील बना दिया है। यह एयरबेस भारत-बांग्लादेश सीमा से महज 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

हाल में कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने ''ऑपरेशन सिंदूर'' के जरिए पाकिस्तान को अपनी ताकत दिखाई। बांग्लादेश के साथ भी संबंध अच्छे नहीं हैं। बांग्लादेश की अंतरिम यूनुस सरकार के कुछ कदमों ने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

द्वितीय विश्वयुद्ध के समय अंग्रेजों ने बनाया था एयरबेस

खुफिया सूत्रों के अनुसार बांग्लादेश के लालमनिरहाट जिले में एक पुराना एयरबेस है जिसको फिर से शुरू करने की कोशिश की जा रही है। इसको द्वितीय विश्वयुद्ध के समय अंग्रेजों ने बनाया था।

इस एयरबेस का भारत से अलग होने के बाद पाकिस्तान ने भी इस्तेमाल किया था। हालांकि 1971 में बांग्लादेश के स्वतंत्र होने के बाद इसे बंद कर दिया गया था। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इसे एक शिक्षण संस्थान में बदलने की घोषणा की थी और भारत को सुरक्षा का आश्वासन दिया था।

यूनुस सरकार इस एयरबेस को फिर शुरू कर सकती है

खुफिया सूत्रों का दावा है कि यूनुस सरकार इस एयरबेस को फिर शुरू करने के लिए चीन को आमंत्रित कर रही है। चीन और पाकिस्तान के सैन्य अधिकारी इसका दौरा कर चुके हैं। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां भी इस बात को लेकर चिंतित है। केंद्र सरकार को भी इसकी जानकारी दी गई है।