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    बकाये को लेकर दिल्ली में तृणमूल के धरना-प्रदर्शन से पहले केंद्र ने फिर भेजा फंड, कई योजनाओं पर किया जाएगा खर्च

    By Jagran NewsEdited By: Sonu Gupta
    Updated: Fri, 29 Sep 2023 06:33 PM (IST)

    केंद्र की ओर से बंगाल को फिर फंड भेजा गया है। कुछ दिन पहले ही 15वें वित्त आयोग की ओर से बंगाल में चल रहीं केंद्रीय ग्रामीण योजनाओं के लिए 1700 करोड़ रुपये जारी किए गए थे अब आयोग ने बंगाल के पर्वतीय क्षेत्र में चल रहीं विभिन्न योजनाओं के लिए और 200 करोड़ रुपये भेजा है। जीटीए इस फंड को अपनी जरुरत के मुताबिक खर्च कर सकेगी।

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    केंद्र ने फिर से बंगाल को भेजा फंड।

    राज्य ब्यूरो, कोलकाता। एक तरफ जहां तृणमूल कांग्रेस केंद्र सरकार पर बंगाल में चल रहीं विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के लिए फंड नहीं देने का आरोप लगाकर दो अक्टूबर को दिल्ली में धरना-प्रदर्शन की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी तरफ केंद्र की ओर से बंगाल को फिर फंड भेजा गया है।

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    केंद्र ने फिर से बंगाल को भेजा फंड

    कुछ दिन पहले ही 15वें वित्त आयोग की ओर से बंगाल में चल रहीं केंद्रीय ग्रामीण योजनाओं के लिए 1,700 करोड़ रुपये जारी किए गए थे, अब आयोग ने बंगाल के पर्वतीय क्षेत्र में चल रहीं विभिन्न योजनाओं के लिए और 200 करोड़ रुपये भेजा है। यह फंड दार्जिलिंग व कलिंपोंग क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण, लोगों की जीविका व स्वच्छता से जुड़ीं योजनाओं पर खर्च किया जाएगा।

    जीटीए ने केंद्रीय के फंड का किया स्वागत

    बंगाल के पर्वतीय क्षेत्र में प्रशासनिक व्यवस्था देखने वाले गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) ने केंद्रीय फंड का स्वागत किया है। जीटीए इस फंड को अपनी जरुरत के मुताबिक खर्च कर सकेगी।

    सीएम ममता बनर्जी लगती रही हैं केंद्र पर आरोप

    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी केंद्र पर बंगाल में चल रहीं विभिन्न योजनाओं के लिए फंड नहीं देने का आरोप लगाती रही हैं। इसके विरुद्ध अब वे दिल्ली में आंदोलन करने जा रही हैं।

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    केंद्र के फंड को राज्य सरकार नहीं कर पाई है खर्च

    इस बीच यह भी खबर है कि केंद्र से इससे पहले राज्य सरकार को जो फंड मिले हैं, उनका एक बड़ा हिस्सा अब तक खर्च नहीं हो पाया है। राज्य सरकार अब तक कुल 2,282 करोड़ रुपये विभिन्न ग्रामीण योजनाओं के मद में खर्च नहीं कर पाई है। वित्त वर्ष 2020-21 में केंद्र से मिले फंड का केवल 18.73 प्रतिशत खर्च हो पाया। 2021-22 में 44.24 प्रतिशत धनराशि खर्च की गई और 2022-23 में सर्वाधिक 79.02 प्रतिशत फंड खर्च हुआ।

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