पश्चिम बंगाल के मंदारमणि समुद्र तट पर मृत मिली 36 फुट की विशालकाय व्हेल, देखने को जुटी भीड़
सोमवार सुबह कुछ स्थानीय लोग समुद्र तट पर गए थे तभी उन्होंने मछली को देखा तथा इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस प्रशासन को दी।
कोलकाता, जागरण संवाददाता। पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के मंदारमणि में समुद्र तट पर एक 36 फुट की व्हेल पाई गई। हालांकि उसकी मौत हो चुकी थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि मछली समुद्र की लहरों के साथ बह कर तट पर आ गई है। उसके शरीर पर जख्म के भी निशान मिले हैं । बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह कुछ स्थानीय लोग समुद्र तट पर गए थे तभी उन्होंने मछली को देखा तथा इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस प्रशासन को दी। मछली को देखने के लिए काफी भीड़ जुट गई।
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने जब व्हेल की जांच की तो पता चला कि उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिसकर्मी और वन विभाग की टीम आगे की कार्रवाई में जुटे हुए हैं। वे व्हेल मछली की मौत के कारणों का पता लगा रहे हैं। बताते चलें कि इससे पहले 23 मई को ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में गहिरमाथा समुद्री अभयारण्य से कई दिनों से गायब व्हेल मछली मृत अवस्था में पाई गई। 40 फुट लंबी व्हेल पानी में बहकर तट पर चली गई थी। इस विशालकाय मछली का वजन करीब 12 टन था।
'विश्व व्हेल दिवस'
पुरी दुनिया में फरवरी महीने के तीसरे रविवार को 'विश्व व्हेल दिवस' मनाया जाता है। इस दिन लोग व्हेल के बारे में जागरूकता फैलाते हैं और व्हेल प्रजाति की समुचित देखभाल और उसकी देखभाल में आने वाली चुनौतियों का डटकर सामना करने का संकल्प भी लेते हैं। विश्व व्हले दिवस की शुरुआत 1980 में हुई थी। जब हम्पबैक व्हेल के सम्मान में हवाई के मऊ द्वीप पर विश्व व्हेल दिवस मनाया गया। इसकी मुख्य वजह हम्पबैक व्हेल का हवाई तट पर आना था। ऐसा माना जाता है कि हम्पबैक व्हेल हमेशा हवाई के तट पर तैरती थी। जिससे हम्पबैक व्हेल को देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रहती थी। इसके बाद पैसिफिक व्हेल फाउंडेशन द्वारा हम्पबैक व्हेल के सम्मान में व्हेल डे मनाने की शुरुआत की गयी।
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