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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जलपाईगुड़ी माल नदी हादसा: नहर काटकर नदी में पानी प्रवेश कराने की बात डीएम मौमिता गोदारा ने स्‍वीकारा

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Published: Fri, 07 Oct 2022 07:46 PM (IST)Updated: Sat, 08 Oct 2022 02:41 PM (IST)

जलपाईगुड़ी की डीएम मौमिता गोदारा ने कहा कि नदी में पानी प्रवेश कराने के लिए नहर बनाया गया था ताकि ...और पढ़ें

डीएम मौमिता गोदारा बसु की फाइल फोटो।
डीएम मौमिता गोदारा बसु की फाइल फोटो।

जलपाईगुड़ी, जागरण संवाददाता। 'नदी में पानी कम था, इसलिए नहर काट कर कृत्रिम रूप से नदी में पानी प्रवेश कराया गया, लेकिन नदी मार्ग में किसी प्रकार के परिवर्तन की बात नहीं थी। साथ ही प्रशासन की सक्रिय भूमिका के कारण बहुत से लोगों की जान बच गई।' शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए जिलाधिकारी मौमिता गोदारा बसु ने यह बात कहीं।

नदी जहां से काटा गया, वहीं से घुसा पानी 

उन्होंने कहा कि नदी में पानी प्रवेश कराने के लिए नहर बनाया गया था, ताकि विसर्जन के लिए पानी को वहां पर लाया जा सके। उसी जगह से हड़पा बाढ़ (Flash Flood) अचानक घुस आया। उन्होंने कहा कि मालबाजार हादसाा में उठ रही विभिन्न शिकायतों की जांच की जाएगी। भविष्य में नदी में हड़पा बाढ़ को लेकर और सावधानी बरती जाएगी।

डीएम ने कहा- घटना से सबक लिया जाएगा

बता दें कि पिछले बुधवार को माल नदी में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान अचानक फ्लैश फ्लड के कारण  दर्दनाक घटना हुई, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई और 14 लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनमें से कई को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। नदी में रेस्‍क्यू आपरेशन चलाकर 70 लोगों को निकाला गया। जिलाधिकारी ने आगे कहा कि इस दिन की घटना से कई बातों पर पुनर्विचार करना होगा। उन्होंने कहा कि माल नदी में हड़पा बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के समय प्रशासन की सक्रिय भूमिका थी, अगर नहीं होती तो और भी लोग मारे जा सकते थे। दूसरी ओर, भूटान में भारी बारिश का पूर्वानुमान जानने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

डीएम ने जांच का दिया आश्‍वासन 

जिलाधिकारी मौमिता गोदारा ने बताया कि मौके पर जेसीबी मौजूद था। उस जेसीबी मशीन से कई लोगों को रेस्क्यू किया गया। इसके अलावा सिविल डिफेंस के सदस्यों ने कई लोगों को रस्सियों से बचाया, नहीं तो कई और मर जाते। इधर माल नदी में हड़पा बाढ़ की घटना से सीख लेते हुए विसजर्न और छठ पूजा घाटों पर आवश्यक व्यवस्था की जा रही है। माल नदी की घटना कैसे हुई, इसका पता लगाने के लिए जिलाधिकारी ने नदी विशेषज्ञों से जांच कराने का आश्वासन दिया ।

माल नदी में हड़पा बाढ़ की घटना में मृत आठ लोगों के आश्रितों को राज्य सरकार ने दो-दो लाख रुपये और घायलों को पचास हजार रुपये की सहायता राशि दी। वहींं प्रशासन की ओर से कहा गया है कि किसी के लापता होने की कोई सूचना नहीं है।

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