सिलीगुड़ी, जागरण संवाददाता। भारतीय स्वाधीनता संग्राम के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती बीती 23 जनवरी को बड़े ही धूम-धाम से मनाई गई।  मगर, उसके एक दिन बाद ही एक ऐसी घटना सामने आई है जिससे लोगों में काफी रोष पैदा हो गया है। वह घटना यह है कि शहर के सुभाषपल्ली में हाथी मोड़ स्थित नेताजी की प्रतिमा को किसी सिरफिरे ने टूटा सन-ग्लास पहना दिया, जिसके एक फ्रेम में काला शीशा लगा था जबकि एक फ्रेम खाली था। नेताजी की प्रतिमा पर टूटा सन-ग्लास देख कर स्थानीय लोग काफी भड़क उठे। उनकी प्रतिमा से वह टूटा चश्मा उतारा गया। इस मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंच कर पुलिस ने वस्तुस्थिति का मुआयना किया। इलाके के लोगों ने मांग की है कि हाथी मोड़ पर पहले से ही पुलिस द्वारा लगाए गए सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को खंगाला जाए और जिस किसी ने भी ऐसा दुस्साहस किया है, उसके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।

उक्त मामले की सूचना मिलने पर सिलीगुड़ी के पूर्व विधायक व मेयर एवं माकपा के वरिष्ठ नेता अशोक भट्टाचार्य भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने भी इस मामले को लेकर काफी रोष जताया। राज्य सरकार को कोसते हुए कहा कि उक्त मामले से अंदाजा लगाया जा सकता है कि विधि-व्यवस्था का क्या हाल है। देश के महान सपूत के साथ इस तरह की हरकत की गई है। उन्होंने इस मामले में संलिप्त लोगों को चिह्नित कर कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की मांग की है।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रंजन सरकार भी मौके पर पहुंचे और मामले पर गहरा रोष व्यक्त किया।उन्होंने केंद्र की सत्तारूढ़ भाजपा को निशाने पर लेते हुए कहा कि इससे पहले कोलकाता में भी ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा के साथ ओछी हरकत की गई थी। वैसी ही घटना की पुनरावृत्ति यहां भी करने की साजिश की जा रही है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। यह भारत के महान सपूत की शान में गुस्ताखी है। उन्होंने भी इस मामले के दोषियों को चिह्नित कर कड़ी से कड़ी  कार्रवाई किए जाने की मांग की है।  पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है।

Edited By: Sumita Jaiswal