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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 16, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Telinipara riots of West Bengal: हिंसा ग्रस्त हुगली से निषेधाज्ञा हटी, इंटरनेट सेवा आंशिक रूप से बहाल

By Preeti jhaEdited By:
Published: Sat, 16 May 2020 07:57 AM (IST)

बंगाल के हुगली जिला प्रशासन ने तेलिनीपाड़ाचंदननगर और श्रीरामपुर के संघर्षग्रस्त क्षेत्रों से स्थिति बेहतर होने के बाद सीआरपीसी की धारा 144 के तहत लगाए प्रतिबंध हटा दिए।

Telinipara riots of West Bengal: हिंसा ग्रस्त हुगली से निषेधाज्ञा हटी, इंटरनेट सेवा आंशिक रूप से बहाल
Telinipara riots of West Bengal: हिंसा ग्रस्त हुगली से निषेधाज्ञा हटी, इंटरनेट सेवा आंशिक रूप से बहाल

कोलकाता, राज्य ब्यूरो। बंगाल के हुगली जिला प्रशासन ने शुक्रवार को तेलिनीपाड़ा,चंदननगर और श्रीरामपुर के संघर्षग्रस्त क्षेत्रों से स्थिति बेहतर होने के बाद सीआरपीसी की धारा 144 के तहत लगाए प्रतिबंध हटा दिए। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिले के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं भी बहाल कर दी गई हैं।

चंदननगर के पुलिस आयुक्त हुमायूं कबीर ने कहा,‘ गुरुवार से यहां हिंसा की कोई खबर नहीं है। स्थिति बेहतर होने के बाद हमने सीआरपीसी की धारा 144 (निषेधाज्ञा) यहां से हटा दी है। इंटरनेट सेवा आंशिक रूप से बाहल की गई हैं।’ उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए कुछ लोगों ने यहां जुमे की नमाज भी अदा की। उन्होंने कहा,‘सामाजिक दूरी बनाए रखने के नियम का पालन करते हुए सुबह कुछ दुकानें और बाजार खुले ।’ कबीर ने बताया कि पुलिस हालांकि हिंसा के केंद्र तेलिनीपाड़ा में गश्त लगाना जारी रखेगी। जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अन्य इलाकों में चरणबद्ध तरीके से इंटरनेट सेवा बहाल की जाएंगी।

गौरतलब है कि तेलिनीपाड़ा में पिछले सप्ताह एक समुदाय के कुछ लोगों ने कथित तौर पर दूसरे समुदाय को “कोरोना” कहा जिससे उपजे विवाद ने हिंसक झड़प का रूप ले लिया था। इस दौरान तेलिनीपाड़ा में स्थित विक्टोरिया जूट मिल क्षेत्र में दो समुदायों के लोगों के बीच हुई हिंसक झड़प में कई दुकानों में तोड़फोड़ की गई, बम फेंके गए और दुकानों को आग भी लगा दी गई। स्थिति को काबू में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। मामले में अभी तक कम से कम 129 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।