सिलीगुड़ी, जागरण संवाददाता। राज्य के सिंचाई व जलमार्ग मंत्री पार्थ भौमिक ने उत्तर बंगाल के विभिन्न नदियों पर बांध निर्माण के लिए 'रूरल इंफ्राट्रक्चर डेवलपमेंट फंड' (आइआरडीएफ) स्कीम के तहत फंड की मांग को केंद्र सरकार द्वारा रद किए जाने का आरोप  लगाया है। उन्होंने रविवार को सिलीगुड़ी के पीडब्ल्यूडी इंस्‍पेक्शन बंग्लो में मीडिया से बातीचीत में कहा कि उत्तर बंगाल के विभिन्न नदियों पर खतरनाक रूप धारण करने वाले कुल 30 जगहों पर बांध निर्माण के लिए केंद्र सरकार से आइआरडीएफ स्कीम के तहत शामिल करने के लिए पत्र दिया गया था। हालांकि उन्होंने कहा कि कुल 148 स्थानों पर बांध निर्माण किया जाना है, लेकिन इनमें 30 जगह बुरी तरह से खतरनाक स्थिति में है।

उत्‍तर बंगाल के लिए नहीं मिले फंड 

उन्‍होंने कहा कि उम्मीद की जा रही थी कि केंद्र सरकार द्वारा इस समस्या पर गंभीरता से विचार करते हुए इस स्कीम के तहत शामिल किया जाएगा, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से केंद्र सरकार द्वारा इन 30 में से एक को भी स्वीकार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यह कुल लगभग 64.5 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट था। इसे अगर केंद्र सरकार आइआरडीएफ स्कीम में शामिल कर लेती, तो इसके लिए केंद्र सरकार व राज्य सरकार से धनराशि प्राप्त होता, जिससे उत्तर बंगाल के लाखों लोग लाभान्वित होंगे।

उत्‍तर बंगाल के विधायकों व सांसदों पर साधा निशाना 

उन्होंने उत्तर बंगाल के भाजपा सांसदों व विधायकों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इन परियोजनाओं को आइआरडीएफ स्कीम में शामिल कराने के लिए उनके द्वारा कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन जगहों से भाजपा के सांसद व विधायक निर्वाचित हुए हैं। जनता के प्रति उनका भी कोई कर्तव्य है। आइआरडीएफ स्कीम में शामिल कराने के लिए उन्हें भी केंद्र सरकार को पत्र लिखना चाहिए। यदि वह यानी भाजपा के सांसद व विधायक चाहेंगे, तो इस स्कीम में इसे केंद्र सरकार शामिल कर लेगी। 

जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिले में चार नहरों का जीर्णोद्धार

मंत्री ने कहा कि जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिले में चार नहरों के जीर्णोद्धार के लिए कार्य शुरू किए गए हैं। इनमें दो जलपाईगुड़ी जिले के नागराकाटा में बाताबाड़ी तथा एंगडोंग झोरा सिंचाई परियोजना है, तथा अलीपुरद्वार जिले के नारथली और झूमर घोड़ाहागा सिंचाई परियोजना है। इन चारो नहरों के जीर्णोद्धार के लिए वर्क आर्डर हो गया है। इन पर कार्य भी शुरू हो गया है। इन चारो नहरों के चालू हो जाने से लगभग 25 से 30 हजार किसान लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में कुछ और नहरों के जीर्णोद्धार के कार्य शुरू होंगे, जिससे उत्तर बंगाल के लगभग डेढ़ लाख किसान लाभान्वित होंगे।

Edited By: Sumita Jaiswal

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