सिलीगुड़ी, जागरण संवाददाता। प्रधान नगर थाना के लाकअप में जिस युवक ने आत्महत्या की कोशिश की थी आखिरकार उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान अर्पण शंकर (20) के रूप में की गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए उत्तर बंगाल मेडिकल कालेज भेज दिया है। इस घटना को लेकर प्रधान नगर थाना प्रभारी समेत तीन पुलिस कर्मियों पर गाज गिरने की संभावना है।

बता दें कि बीते 12 नवंबर तड़के प्रधान नगर थाना के लाकअप में एक युवक ने गले में फंदा लगाकर आत्महत्या की कोशिश की थी। लाकअप में सीलिंग फैन या कोई ऐसी चीज नहीं है कि फंदे से लटक कर कोई आत्‍महत्‍या कर लें। उसके बाद भी यह घटना घटी। पुलिस का कहना है कि रात में सोने के लिए दिए जाने वाले कंबल से पूरा चेहरा ढंक कर उसी से गले में फंदा बांधकर आत्महत्या की कोशिश की। उसके पास सोए अन्य लोगों ने शोर मचाया तब आराम फरमा रहे पुलिस कर्मचारी दौड़े और उसे आनन-फानन में निजी अस्पताल पहुंचाया गया। दस दिन तक मौत से जिंदगी की जंग लड़ने के बाद सोमवार को उसने दम तोड़ दिया।

सूत्रों की मानें तो मृतक एक नशेड़ी था। वह मूल रूप से दार्जिलिंग का निवासी बताया गया है। वर्तमान में वह शहर के तीन नंबर वार्ड स्थित गुरुंग बस्ती इलाके में किराए पर रहता था। पुलिस लाकअप में आत्महत्या से अधिक उसे अवैध रुप से लाकअप में रखने को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा हो गया है। आत्महत्या का प्रयास करने के तीन दिन पहले ही चोरी के एक मामले में उसे पुलिस ने हिरासत में लिया था। लेकिन नियमानुसार 24 घंटे के भीतर अदालत के समक्ष पेश नहीं किया। बल्कि लाकअप की निगरानी में तैनात पुलिस कर्मियों की मुस्तैदी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारों की माने तो युवक नशे का आदि था। नशा नहीं मिलने पर मानसिक असंतुलन की वजह से आत्महत्या का प्रयास किया होगा।

घटना के बाद पुलिस कमिश्नर अखिलेश चतुर्वेदी ने थाना प्रभारी समेत चार पुलिस कर्मियों के खिलाफ जांच के निर्देश दिए। इसके लिए डीसीपी (हेडक्वार्टर) के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया गया। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद प्रधान नगर थाने के दो एसआई और एक कांस्टेबल को लाइन ओआर में क्लोज कर दिया गया है। युवक की मौत के बाद पुलिस कमिश्नर अखिलेश चतुर्वेदी ने बताया कि थाना प्रभारी समेत चार पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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