विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 06, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिना सुरक्षा उपकरण सड़कों पर फर्राटा भर रहे यात्री वाहन

By JagranEdited By:
Published: Mon, 06 Sep 2021 11:12 PM (IST)

संवाद सहयोगी रेलपार आसनसोल शिल्पांचल में बिना अग्निशमन उपकरण के सड़कों में अधिकांश

बिना सुरक्षा उपकरण सड़कों पर फर्राटा भर रहे यात्री वाहन
बिना सुरक्षा उपकरण सड़कों पर फर्राटा भर रहे यात्री वाहन

संवाद सहयोगी, रेलपार : आसनसोल शिल्पांचल में बिना अग्निशमन उपकरण के सड़कों में अधिकांश यात्री बसें फर्राटा भर रही है। बसों में अग्निशमन यंत्र नहीं होने से वाहनों में सफर करने वाले यात्रियों के सिर पर हमेशा खतरा मंडराता रहता है। अधिकांश बसों मे मेडिकल किट भी नहीं है। मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार सभी सवारी वाहनों में अग्निशमन यंत्र तथा फ‌र्स्ट एड बाक्स, शिकायत पुस्तिका का होना आवश्यक है। लेकिन अधिकांश यात्री बसों में यात्रियों की सुरक्षा का पालन नहीं किया जा रहा है। सड़क पर दौड़ रहे ऐसे वाहनों के खिलाफ कभी अभियान भी नहीं चलाया जाता है। जिससे मोटर व्हीकल एक्ट न मानने वाले बस मालिकों तथा वाहन मालिकों पर जुर्माना लगाया जा सके। आसनसोल शिल्पांचल में एक हजार के लगभग बड़ी बस तथा मिनी बसों का प्रतिदिन परिचालन होता है। इसके अलावा सरकारी बसे हैं। सरकारी बसों की बात करे तो उनमें भी अग्नि शमन यंत्र कम ही देखे जाते है। लक्जरी बसों को छोड़कर अधिकांश यात्री बसों में अग्निशमन यंत्र नहीं होता है।

आसनसोल बड़ी बस यूनियन के उपाध्यक्ष गणेश दा का कहना हैं कि आसनसोल बर्नपुर रूट में परिचालन होने वाली लगभग सभी बड़ी बस तथा मिनी बसों मे अग्निशमन यंत्र नहीं है। बस मालिक यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर बसों का परिचालन करते है। कोरोना महामारी ने और भी मुश्किल बढ़ा दी है। बसों में यात्री कम कर्मियों के सामने रोटी रोजी का भी संकट है। ऐसे में अलग से कोई खर्च करना उनके बस की बात नहीं है। सरकार की तरफ से अग्निशमन यंत्र मिले तो लगाया जा सकता है। यात्रियों का कहना है कि अधिकांश सरकारी बसों में भी इस तरह कि कोई व्यवस्था नहीं दिखती है।

सजल अधिकारी, आरटीओ ने कहा कि आसनसोल अंचल में चलने वाली बड़ी बस, मिनी बस जिसमें अग्निशमन यंत्र, मेडिकल किट, दिव्यांग के लिए सीट नहीं है। एआरटीओ को ऐसी बसों के खिलाफ नोटिस जारी करने का आदेश पारित किया गया है। टेक्निकल विभाग को आदेश दिया गया है कि फिटनेस के समय इसकी जांच की जाए।