उत्तरकाशी में फिर बिगड़े हालात, स्यानाचट्टी में बढ़ा झील का जलस्तर; मोटरपुल के ऊपर पहुंचा यमुना का पानी
यमुनोत्री धाम के स्यानाचट्टी में दो माह से आपदा जैसे हालात हैं। लगातार बारिश से स्थिति गंभीर बनी हुई है। सिंचाई विभाग के प्रयासों के बावजूद सफलता नहीं मिली। अब डीएम ने एनएच को सुरक्षा का जिम्मा सौंपा है। एनएच द्वारा मलबा हटाने का कार्य जारी है जिससे ग्रामीणों में उम्मीद जगी है। राजमार्ग बंद होने से डीएम स्यानाचट्टी नहीं पहुंच सके।

संवाद सूत्र जागरण, बड़कोट। यमुनोत्री धाम के अहम पड़ाव स्याना चट्टी में दो माह से आपदा के हालात बने हुए हैं। लगातार वर्षा से हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। सिंचाई विभाग की ओर से लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद इस इलाके को सुरक्षित नहीं किया जा सका है। नियमित वर्षा से हालात जस के तस हैं।
यमुना का पानी भी मोटरपुल के ऊपर से बह रहा है। अब जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिंचाई विभाग के साथ ही अब राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड (एनएच) को पुल और आसपास की सुरक्षा का जिम्मा सौंपा है।
स्याना चट्टी में कुपड़ा गाड़ से आया भारी मलबा नदी का प्रवाह अवरुद्ध कर रहा है। सिंचाई विभाग की तीन एक्सावेटर मशीनें लगातार मलबा हटाने में जुटी हैं, लेकिन नियमित वर्षा से हालात जस के तस हैं। दिनभर हटाया गया मलबा अगले ही दिन फिर जमा हो जाता है।
स्थिति इतनी विकट हो गई है कि यमुनोत्री धाम को जोड़ने वाला पुल अब पूरी तरह खतरे की जद में है। यमुना नदी में लगातार सिल्ट आने से नदी का तल काफी ऊपर उठ चुका है। परिणामस्वरूप नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है और आस-पास बने होटलों की निचली मंजिलें पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं।
रविवार को राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता मनोज रावत ने स्थल पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया। उनके मौके पर आने से स्थानीय निवासियों को अब कुछ राहत और उम्मीद की किरण दिखाई दी है।
मनोज रावत ने बताया कि राजमार्ग निर्माण खंड द्वारा अपनी एक्सावेटर मशीनें और टिप्पर मौके पर बुलाए गए हैं। नदी में जमा सिल्ट को बाहर निकालकर डंप किया जा रहा है, ताकि नदी का बहाव सामान्य हो सके और पुल तथा रिहायशी भवन सुरक्षित रह सकें। उन्होंने कहा कि यह कार्य उनकी प्रत्यक्ष निगरानी में किया जा रहा है और सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि अब तक सिंचाई विभाग के प्रयास नाकाफी साबित हुए थे, लेकिन एनएच खंड के अधिशासी अभियंता मनोज रावत की सक्रियता और तत्परता से उम्मीद जगी है कि हालात पर काबू पाया जा सकेगा। ग्रामीणों का मानना है कि जिस तरह उन्होंने मौके पर पहुंचते ही कार्ययोजना बनाकर तेजी से काम शुरू कराया है, उससे आने वाले दिनों में स्याना चट्टी पुल और आसपास के रिहायशी क्षेत्र को बचाने में मदद मिलेगी।
हाईवे बंद होने से डीएम नहीं पहुंच पाये स्यानाचट्टी
स्यानाचट्टी में दिनोंदिन बिगड़ रही स्थिति को देखते हुए रविवार को डीएम प्रशांत आर्य ने स्यानाचट्टी पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने की योजना बनाई थी। जानकारी के अनुसार वह मातली तक पहुंच भी गये थे। लेकिन धरासू में गंगोत्री हाईवे नहीं खुल पाने के चलते वह स्यानाचट्टी नहीं पहुंच सके।
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