Updated: Sun, 31 Aug 2025 04:46 AM (IST)
उत्तरकाशी के स्यानाचट्टी में भारी बारिश से हालात गंभीर हैं। यमुनोत्री राजमार्ग पर बना पुल यमुना के थपेड़ों से डगमगा रहा है जिससे खतरा बढ़ गया है। नदी किनारे बने होटल पानी में डूबे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। सिंचाई विभाग नदी के चैनलाइजेशन का कार्य कर रहा है ताकि जलस्तर को सामान्य किया जा सके और खतरे को कम किया जा सके।
संवाद सूत्र, जागरण, बड़कोट। पहाड़ों पर हो रही मूसलाधार वर्षा से उत्तरकाशी में यमुनोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव स्यानाचट्टी में हालात चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। यहां बनी झील के बाद अब यमुना का बढ़ा हुआ जलस्तर लोगों को डरा रहा है। स्थिति यह है कि यमुनोत्री हाईवे पर बना मोटर पुल यमुना के थपेड़ों से डगमगाने लगा है। नदी किनारे बने होटल कई दिन से आधे पानी में डूबे हैं।
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स्थानीय निवासी व यमुनोत्री धाम के तीर्थ पुरोहित रामलाल उनियाल ने बताया कि स्यानाचट्टी में बनी झील के कारण यमुना नदी में भारी मात्रा में मलबा भर गया है। इस कारण नदी का तल ऊपर उठ गया है और पानी पुल के ऊपर से होकर बह रहा है। उस पर भारी वर्षा ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। इससे पुल के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है।
नदी किनारे बने कई होटलों की दूसरी मंजिल तक पानी भर गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता राकेश बिजल्वाण ने बताया कि कि नदी के चैनलाइजेशन के लिए विभाग की तीन मशीनें लगातार काम कर रही हैं, ताकि नदी के प्रवाह को सामान्य किया जा सके और पुल पर खतरा कम किया जा सके।
दो माह से बनी हुई है समस्या
स्यानाचट्टी में यमुना नदी में बनी झील की समस्या नयी नहीं है। यह समस्या धराली आपदा से भी पहले 28 जून को कुपड़ा गाड के उफान के साथ आए मलबे के कारण उत्पन्न हुई थी, जो गत 21 अगस्त को तब गंभीर हो गई, जब दोबारा उफनाए कुपड़ा गाड के साथ आए मलबे में नदी का प्रवाह अवरुद्ध कर दिया।
हालांकि, इसके एक दिन बाद ही नदी के उफान पर आने से झील खाली हो गई थी, लेकिन 24 अगस्त से नदी का जलस्तर घट-बढ़ रहा है। इससे स्यानाचट्टी के लोगों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं।
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