Updated: Fri, 29 Aug 2025 08:25 PM (IST)
उत्तराकाशी के स्यानाचट्टी में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से स्थिति गंभीर हो गई है। यमुनोत्री धाम को जोड़ने वाला पुल खतरे में है जिससे संपर्क टूटने का डर है। लगातार बारिश और सिल्ट जमा होने से नदी का तल ऊपर उठ गया है। पुलिस ने अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क कर दिया है। प्रशासन हालात पर नजर रखे हुए है।
संवाद सूत्र, जागरण, बड़कोट। यमुनोत्री धाम का अहम पड़ाव स्यानाचट्टी इन दिनों आपदा की गहरी मार झेल रहा है। 28 जून से यमुना नदी का प्रवाह रुकने के बाद यहां बनी झील को दर्जनों बार चैनलाइज किया गया, लेकिन नदी में लगातार सिल्ट जमने से यमुना का तल काफी ऊपर उठ चुका है।
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गुरुवार रात से जारी लगातार बारिश ने स्थिति और गंभीर कर दी है। यमुना का जलस्तर इतना बढ़ चुका है कि धाम को जोड़ने वाला एकमात्र पुल खतरे की जद में आ गया है। नदी का उफान पुल के दोनों किनारों से टकरा रहा है, जिससे पुल किसी भी समय धराशायी हो सकता है।
स्थिति यही नहीं थमी, बल्कि आसपास बने भवनों की निचली मंजिलें अभी भी पानी में डूबी हुई हैं। स्थानीय रामलाल उनियाल का कहना है कि यदि हालात ऐसे ही बने रहे और पुल टूट गया तो यमुनोत्री धाम के साथ-साथ आसपास के गांवों का तहसील व जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट जाएगा। स्थानीय लोग यमुना के इस रौद्र रूप को देखकर दहशत में हैं।
वहीं, प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है स्यानाचट्टी पुलिस को देर रात दो बजे सूचना मिली कि यमुनोत्री की तरफ से यमुना का वेग बढ़ा हुआ है तो स्यानाचट्टी पुलिस द्वारा बाइक द्वारा अलर्ट सायरन बजाकर लोगों को सचेत किया गया।
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