जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। हिमालय के चारधाम की यात्रा भले ही फिलहाल स्थगित रखी गई हो, लेकिन कपाट खोलने की तैयारियां शुरू हो गई है। बीते वर्ष के तरह इस बार भी श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बिना ही चारों धाम के कपाट खुलेंगे। सबसे पहले अक्षय तृतीया पर्व पर शुक्रवार दोपहर 12.15 बजे यमुनोत्री धाम के कपाट खोले जाएंगे। इससे पहले, सुबह 9.15 बजे देवी यमुना की उत्सव डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल खरसाली (खुशीमठ) से यमुनोत्री के लिए रवाना होगी।

यमुनोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश उनियाल ने बताया कि यमुनोत्री धाम में कपाट खोलने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर को फूल मालाओं से सजाया गया है। कपाट खोलने के मौके पर और यमुना की उत्सव डोली यात्रा में सिर्फ 25 तीर्थ पुरोहित व बाजगी ही शामिल होंगे। यह निर्णय बढ़ते कोरोना संक्रमण के मद्देनजर लिया गया है। बताया कि खरसाली में देवी यमुना की उत्सव डोली रवाना होने की प्रक्रिया सुबह आठ बजे शुरू होगी। यमुना मंदिर से डोली शनिदेव के मंदिर में जाएगी और फिर शनिदेव की ही अगुआई में यमुनोत्री के लिए प्रस्थान करेगी।

गंगोत्री के लिए रवाना होगी गंगा की उत्सव डोली

गंगोत्री धाम के कपाट 15 मई सुबह 7.30 बजे खोले जाएंगे। इससे पूर्व, शुक्रवार सुबह 11.45 बजे मां गंगा की उत्सव डोली अपने शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा (मुखीमठ) से पहले पड़ाव स्थल भैरवघाटी के लिए रवाना होगी। यहां रात्रि विश्राम के बाद 15 मई सुबह पांच बजे डोली गंगोत्री के लिए प्रस्थान करेगी और ठीक 7.30 बजे अक्षय तृतीया की उदय बेला पर मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने बताया कि प्रशासन को 21 व्यक्तियों की सूची दी गई है, जिनमें तीर्थ पुरोहित और बाजगी शामिल हैं। ये सभी उत्सव डोली यात्रा में शामिल होंगे।

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