यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 21, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
उत्तरकाशी पर मंडराया एक और खतरा, यमुना नदी में बनी झील; यमुनोत्री धाम का पड़ाव स्यानाचट्टी डूबा
उत्तरकाशी में यमुना नदी का प्रवाह अवरुद्ध होने से एक कृत्रिम झील बन गई है जिससे यमुनोत्री धाम का प्रमुख ...और पढ़ें

जासं, बड़कोट। हर्षिल घाटी के धराली में आई आपदा के बाद यमुनोत्री धाम की यात्रा का अहम पड़ाव स्याना चट्टी एक बार फिर आपदा की चपेट में आ गया है। यहां यमुना नदी का प्रवाह अवरुद्ध होने से बनी झील का जलस्तर बढ़ता ही जा रहा है, जिससे गढ़वाल मंडल विकास निगम के गेस्ट हाउस से लेकर पुलिस चाैकी व इंटर कालेज समेत कई होटल व भवन पानी में आधे डूब गए हैं।
यमुनोत्री धाम का प्रमुख पड़ाव स्यानाचट्टी यमुना नदी का प्रवाह अवरुद्ध होने से बनी कृत्रिम झील में जलमग्न हो गया है। वीडियो में देखें... #uttarkashi #Yamunotri pic.twitter.com/AV5VkmvjHM
— Neha Bohra (@neha_suyal) August 21, 2025
वहीं, यमुनोत्री हाईवे को जोड़ने वाला एक मात्र पुल भी जलमग्न होने से यमुनोत्री धाम का तहसील व जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन सभी होटल व आवासीय भवनों को खाली करवा दिया है।
#यमुनोत्री_हाइवे पर #स्यानाचट्टी के पास #झील बन गई है। पुल और भवन डूबे।
कुपड़ा क्षेत्र से आने वाले गदेरे के सैलाब से #यमुना का प्रवाह अवरुद्ध।
स्यानाचट्टी सहित निचले इलाके खरादी, गंगानी, बड़कोट आदि क्षेत्र में #खतरा पैदा हो गया है। @JagranNews@pushkardhami @dm_uttarkashi pic.twitter.com/T8gXxPP6nP
— Shailendra Prasad (शैलेंद्र गोदियाल) (@shailly_godiyal) August 21, 2025
बता दें कि इससे पूर्व भी गत जून माह में यहां झील बनने की घटना घटित हो चुकी है, तब कई बार होटल व भवनों के भूतल में झील का पानी घुसा था, जिसके बाद एक्सावेटर मशीनों के जरिए झील को पंचर व चैनलाइजेशन का काम कर यमुना के प्रवाह को बहाल किया गया था। लेकिन गुरुवार को स्याना चट्टी के समीप गढ़गाढ नाला(कुपड़ा गाड) कुपड़ा गाड़ में हुए भूस्खलन और तेज जलप्रवाह के चलते एक बार फिर से नदी के मार्ग में रुकावट आ गई है, जिससे झील का निर्माण हो गया है।
एक मात्र पुल भी जलमग्न
आपदा प्रबंधन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम करीब साढ़े चार बजे कुपड़ा गाड़ अचानक उफान पर आया, जिसमें मलबा आने के कारण यमुना नदी में झील बन गई है। सड़क से नीचे की ओर सभी होटल व घरों में झील का पानी घुस गया है। यमुनोत्री धाम को जोड़ने वाला एक मात्र पुल भी जलमग्न हो गया है। आनन-फानन में पुलिस ने करीब 150 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा है।
एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, फायर सर्विस, सिंचाई विभाग व राजस्व विभाग के साथ ही उप जिलाधिकारी बड़कोट मौके पर मौजूद हैं। झील से नीचे की ओर यमुना नदी किनारे बसे ओजरी, पुजारगांव, पाली गांव, खरादी, कुथनौर आदि को भी अलर्ट किया गया गया है। हालांकि यमुना नदी का प्रवाह सामान्य रूप से हो रहा है। इस कारण अधिक खतरा नहीं है।
स्यानाचट्टी में यमुना नदी में बनी कृत्रिम झील का पानी मलबे के ऊपर से निकल रहा है, इस कारण ज्यादा चिंता की बात नहीं है। शुक्रवार सुबह से इसे सुरक्षित ढंग से खोलने का प्रयास किया जाएगा।
- प्रशांत कुमार आर्य, जिलाधिकारी उत्तरकाशी
