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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्‍तरकाशी आपदा का तीसरा दिन: जिंदगी की खोज में राहत बचाव टीमें, 274 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला; दो शव मिले

Published: Thu, 07 Aug 2025 12:24 PM (GMT+05:30)Updated: Thu, 07 Aug 2025 01:16 PM (GMT+05:30)

Uttarkashi Cloudburst उत्तरकाशी आपदा का आज तीसरा दिन है। सेना पुलिस और प्रशासन जिंदगी बचाने में जुटे हैं। मलबे से ...और पढ़ें

Uttarkashi Cloudburst: रेस्क्यू ऑपरेशन निरंतरता और तीव्र गति से जारी है।
Uttarkashi Cloudburst: रेस्क्यू ऑपरेशन निरंतरता और तीव्र गति से जारी है।

HighLights

  1. आपद के तीसरे दिन रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
  2. गुरुवार को मिले दो शव, अब मृतकों की संख्‍या हुई सात
  3. गंगोत्री व आसपास के क्षेत्र से 274 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला

जासं, उत्‍तरकाशी। आज गुरुवार को उत्‍तरकाशी आपदा का तीसरा दिन है। जिंदगी बचाने की जद्दोजहद जारी है। सेना, पुलिस व प्रशासन राहत-बचाव में जुटा हुआ है। आज मलबे से दो शव बरामद किए गए हैं। जिसके बाद अब मृतकों की संख्‍या सात हो गई है। 

निरंतरता और तीव्र गति से जारी रेस्क्यू

इसके अतिरिक्त, आज तक 238 लोगों को सुरक्षित रूप से हर्षिल से बाहर निकाला गया, जिसमें से 100 लोगों को उत्तरकाशी पहुंचाया गया है तथा 35 लोगों को देहरादून सुरक्षित भेजा गया है।

रेस्क्यू ऑपरेशन निरंतरता और तीव्र गति से जारी है। जिला प्रशासन की तत्परता को देखते हुए जिलाधिकारी प्रशांत आर्य धराली, हर्षिल आपदा प्रभावित क्षेत्र में स्वंय मौजूद है। जिलाधिकारी के कुशल नेतृत्व में राहत एवं बचाव कार्य तीव्र गति से संचालित है। हर्षिल में रुके यात्रियों को सुरक्षित मातली हैलीपैड लाया जा रहा है। सेना, आइटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस व राजस्व की टीमें लगातार सर्च एवं रेस्क्यू में जुटी हुई है।

गंगनानी में पूरी तरह तबाह हो चुके पुल की जगह वैली ब्रिज के निर्माण के लिए बीआरओ ने पूरी ताकत झोंक दी है। इसके लिए पापड़ गाड़ में सड़क के 500 मीटर भाग के तबाह भाग को दुरुस्त किया जा रहा है। जैसे जैसे सड़क दुरुस्त हो रही है, वैली ब्रिज की मशीनरी को आगे बढ़ाया जा रहा है। इस समय मशीनरी पापड़ गाड़ से एक घंटे की दूरी पर है।

दो शव बरामद

गुरुवार को मलबे से दो शव बरामद किए गए हैं। जिसके बाद अब मृतकों की संख्‍या सात हो गई है। स्वास्थ्य कैंप मातली से दो गम्भीर रूप से घायलों को एम्स ऋषिकेश रैफर किया गया। दोनों घायलों को एम्स में भर्ती करा लिया गया है। 

उत्तरकाशी में आई आपदा के बाद हर्षिल और आसपास फंसे लोगों को जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर उतारा जा रहा है। आठ लोगों का यात्रा ट्रांजिट कैंप लाया गया। यह लोग बिजनौर के रहने वाले हैं और हर्षिल में लकड़ी का काम करते थे। वहीं, तीन घायलों को एम्स में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत खतरे से बाहर है।

हर्षिल पहुंचा चिनूक

वहीं पहला चिनूक हर्षिल में लैंड कर गया है। इसमें एनडीआरएफ के जवान, एनडीआरएफ के उपकरण तथा अन्य आवश्यक सामग्री भेजी गई हैं।

आपदा प्रभावितों से मिलने अस्‍पताल पहुंचे सीएम धामी

उत्तरकाशी स्थित अस्पताल में भर्ती आपदा प्रभावितों से सीएम धामी मिलने पहुंचे। उन्‍होंने आपदा प्रभावितों का कुशलक्षेम जाना। सीएम धामी ने चिकित्सकों से भी प्रभावितों की स्थिति जानी और समुचित उपचार के निर्देश दिए।

274 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला

सचिव आपदा प्रबंधन द्वारा बताया गया है कि 274 लोगों को गंगोत्री एवं अन्य क्षेत्रों से हर्षिल लाया गया है तथा सभी सुरक्षित हैं। इनमें गुजरात के 131, महाराष्ट के 123, मध्य प्रदेश के 21, UP के 12, राजस्थान के 6, दिल्ली के 7, आसाम के 5, कर्नाटक के 5, तेलंगाना के 3 तथा पंजाब के 01 लोग हैं।  सभी पूरी तरह से सुरक्षित हैं तथा इनको उत्तरकाशी / देहरादून लाया जा रहा है।

सामने आने लगे लापता लोगों के नाम

वहीं धराली हादसे में लापता होने वाले लोगों के नाम अब सामने आ रहे हैं । इनमें मुकेश पंवार 36 (मुन्ना), विजेता पंवार 33 पत्नी मुकेश पंवार, अंकित पंवार 4 पुत्र मुकेश पंवार, लोकेन्द्र सिंह एवं धनवीर सिंह (मुकेश पंवार के होटल कर्मचारी) शामिल हैं।