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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 10, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttarkashi News: उत्‍तरकाशी में ग्रामीण जान जोखिम में डालकर उफनती नदी को कर रहे पार, देखें वीडियो

By Sunil NegiEdited By:
Published: Wed, 10 Aug 2022 09:51 PM (IST)

Uttarkashi News उत्‍तरकाशी जनपद के नौगांव ब्‍लॉक के गढ़ खाटल के आठ गांव के ग्रामीण जान जोखिम में डालकर उफनती ...और पढ़ें

Uttarkashi News: उत्‍तरकाशी में ग्रामीण जान जोखिम में डालकर उफनती नदी को पार कर रहे हैं।
Uttarkashi News: उत्‍तरकाशी में ग्रामीण जान जोखिम में डालकर उफनती नदी को पार कर रहे हैं।

जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी : नौगांव विकास खंड के गढ़ खाटल के आठ गांव के ग्रामीण सड़क की बदहाली से बेहद परेशान हैं। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवागमन को तैयार हैं।

इस मार्ग पर हर वर्ष वर्षाकाल की नदी मप्पा खड्ड के पास उफान पर आ जाती है। जिसमें दुपहिया वाहनों और पैदल आवाजाही पूरी तरह से बाधित हो जाती है।

मार्ग संकरा होने से होती है दिक्‍कत

सामाजिक कार्यकर्ता सोवत सिंह ने जानकारी देते बताया की नौगांव विकास खंड के न्याय पंचायत गढ़ खाटल के ग्राम पंचायत गढ़ का गढ़ अम्बेडकर मार्ग 1997 में बन चुका था। लेकिन यहां मार्ग बहुत ही संकरा होने के कारण आमजन के लिए मुसीबत बना हुआ है।

  • इसके अलावा इस मार्ग पर पुल और कलमट का निर्माण भी नहीं किया गया है। जिसके कारण हर वर्षाकाल में कई स्थानों पर मार्ग अवरुद्ध हो जाता है।
  • इन दिनों भी आमजन के लिए आफत बन रखा है। मप्पा खड्ड के पास तो वर्षाकाल की नदी में इतना अधिक पानी है कि वाहन भी नदी की चपेट में आने से बाल-बाल बच रहे हैं।

आइ गांव के अवागमन के लिए भारी समस्या

उन्होंने कहा कि समस्त जनप्रतिनिधि कई वर्षों से सरकार से डबल कटिंग, पुल निर्माण व डामरीकरण के लिए मांग करते आ रहे हैं, लेकिन सरकार व विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। इससे 8 गांव के अवागमन के लिए भारी समस्या उठानी पड़ रही है।

  • सड़क की हालत बेहद खराब है जिससे यहां कभी भी बड़ा हदशा हो सकता है तेज वर्षा आने पर मप्पा नदी में इस तरह का उफान आने से ग्रामीणों को जान जोखिम में डालनी पड़ रही है।

बडे़ बड़े गड्ढे दुर्घटनाओं को देते न्यौता

कहते है इस हल्का वाहन सड़क का निर्माण 1996-97 में उत्तर प्रदेश में रहते मायावती के शासन में हुआ। जिसके बाद किसी ने सड़क सुधारीकरण की शुद नहीं ली, सड़क अधिकांश जगह संकरी, बडे़ बड़े गड्ढे दुर्घटनाओं को न्यौता दे रहे है।

  • गढ़ खाटल के गढ़, देवल, चौपड़ा, कसलाना, न्यूड़ी, डाबरा,छिलोर,मपा सौड़, सरनाचक आदि गावों के लगभग ढाई हजार आबादी को जोड़ने वाले गढ़ अम्बेडकर मोटर मार्ग की हालत पिछले तीन दशकों से बदहाल बनी है।
  • वह बताते हैं कि बताते है यह सड़क कुवां कफनोल के किलोमीटर 11 के खुशिया बैड से गढ़ तक 1996-97 के प्रथम चरण में बनी। 
  • इसके बाद लगातार गुहार लगाने पर गढ़ अंबेडकर हल्का वाहन मोटर मार्ग को भारी मोटर वाहन में परिवर्तित कर देवल गांव तक डामरीकरण के संबंध में सड़क के द्वितीय चरण की मांग आज तक पूरी नहीं हो पाई।

इस संबध में सहायक अभियंता जेएस रावत ने कहा विभाग की ओर से पत्रावली शासन को भेजी जा रही है वहां से आवश्यक कार्यवाही होने पर कार्य शुरू किये जायेगें ।