जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी: विकासखंड चिन्यालीसौड़ से 15 दिन के अंतराल में बाल विवाह से संबंधित दो मामले सामने आए हैं। बाल कल्याण समिति उत्तरकाशी, चाइल्ड लाइन और पुलिस के दखल के बाद दोनों किशोरियों का विवाह रोका गया। दोनों किशोरियों के स्वजन ने लिखकर दिया कि वे उनके बालिग होने पर ही उनकी शादी करेंगे। दोनों किशोरियों के माता-पिता को विवाह नहीं करने के लिए पाबंद करने के साथ ही वैवाहिक आयोजन पर निगरानी रखने के निर्देश पुलिस और प्रशासन की ओर से दिए गए हैं।

थाना धरासू क्षेत्र के एक गांव से 11 अक्टूबर को चाइल्ड लाइन को सूचना मिली कि एक 14 वर्षीय बालिका की शादी 15 अक्टूबर होने जा रही है। चाइल्ड लाइन ने इसकी सूचना जिला प्रशासन, बाल कल्याण समिति और पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस 14 वर्षीय किशोरी के स्वजन से मिली और उन्हें काउंसिलिग के लिए चाइल्ड लाइन उत्तरकाशी बुलाया गया। काउंसिलिग में स्वजन ने बताया कि उनकी बेटी आठवीं में पढ़ रही है। उन्होंने 25 वर्ष के एक युवक से उसकी शादी तय की थी। चाइल्ड लाइन के समन्वयक दीपक उप्पल ने बताया कि सामूहिक प्रयास से किशोरी के स्वजन को समझाया गया। उन्हें बाल विवाह अधिनियम के बारे में भी जानकारी दी गई, जिसके तहत 18 वर्ष से पहले बालिका और 21 वर्ष से पूर्व बालक का विवाह करवाना कानूनन अपराध है। किशोरी के स्वजन ने लिखकर दिया कि अब वह बालिग होने पर ही बालिका की शादी करेंगे। साथ ही बालिका की पढ़ाई जारी रखने के लिए भी स्वजन से काउंसिलिग की जा रही है।

इससे पहले चिन्यालीसौड़ तहसील के राजस्व क्षेत्र से 25 सितंबर को चाइल्ड लाइन को एक गांव में 16 वर्षीय किशोरी की विवाह की तैयारी चलने की सूचना मिली थी। इसके कारण उसकी 10वीं की पढ़ाई भी छूट गई थी। बाल कल्याण समिति के सदस्य सुरेश पंवार ने बताया कि किशोरी की शादी दिसंबर में होनी है। मामले में बाल कल्याण समिति उत्तरकाशी ने स्वजन को काउंसिलिग के लिए बुलाया। बाल विवाह अधिनियम की जानकारी देने और समझाने पर स्वजन ने लिखकर दिया कि वह बालिग होने पर ही अपनी बालिका का विवाह कराएंगे। इस मौके पर बाल कल्याण समिति के सदस्य ऋतु राणा, चाइल्ड लाइन की समिता चौहान आदि मौजूद थे।

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शिक्षा विभाग से मांगी रिपोर्ट

चिन्यालीसौड़ ब्लाक क्षेत्र से 15 दिन में दो बाल विवाह के मामले आने को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने भी गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग से कोविड काल के दौरान कितनी बालिकाओं ने पढ़ाई छोड़ दी है, पढ़ाई छोड़ने के पीछे क्या कारण हैं, इसकी पड़ताल कर रिपोर्ट मांगी है। इस बात का भी अंदेशा लगाया जा रहा कि जनपद में कोविड काल के दौरान बाल विवाह के मामले बढ़े हैं।

Edited By: Jagran