Uttarkashi: सिल्क्यारा सुरंग निर्माण में लगे 65 स्थानीय श्रमिकों ने लगाया आरोप, बिना नोटिस काम से हटाने की कही बात
उत्तरकाशी में यमुनोत्री हाईवे पर सिल्क्यारा सुरंग बना रही कंपनी पर 65 श्रमिकों को बिना नोटिस निकालने का आरोप है। श्रमिकों ने कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन किया जिसे ब्लॉक प्रमुख ने समर्थन दिया। श्रमिकों का कहना है कि कंपनी ने जमीन लेकर नौकरी दी थी लेकिन अब निकाल दिया। कंपनी का कहना है कि आर्थिक तंगी के कारण श्रमिकों को हटाया गया है।

जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सिल्क्यारा सुरंग में कार्यरत 65 स्थानीय श्रमिकों ने निर्माण कंपनी पर बिना नोटिस दिए काम से निकालने का आरोप लगाया है। श्रमिकों ने निर्माण कंपनी के विरुद्ध नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। सूचना पर पहुंचे ब्लाक प्रमुख राजदीप सिंह परमार ने श्रमिकों के आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने निर्माण कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर व महाप्रबंधक के साथ वार्ता कर श्रमिकों को काम पर रखने की मांग रखी।
कंपनी में कार्यरत स्थानीय श्रमिक खुशपाल, विवेकचंद, दिनेश, आशीष, मानेंद्र व भूपेंद्र आदि ने बताया कि निर्माण कंपनी नव युगा ने निर्माण कार्य के लिए उनकी जमीनों को प्लांट आदि स्थापित करने के लिए लिया है, जिसके बदले में उन्हें सुरंग के निर्माण कार्य में लगाया गया।
लेकिन बीते दो अगस्त को उन्हें काम से निष्कासित करने की जानकारी मिली, जिस पर उन्होंने भी कंपनी को उनकी जमीन खाली करने की चेतावनी दी। शनिवार को ही उन्हें बिना किसी वार्ता व नोटिस के काम से हटा दिया गया। कंपनी के इस निर्णय पर निर्माण कंपनी के विरुद्ध उनकी ओर से आंदोलन जारी किया जा रहा है।
बताया कि जब तक उन्हें काम पर वापस नहीं लिया जाता उनका आंदोलन जारी रहेगा। शनिवार को उनके आंदोलन की सूचना पर नव निर्वाचित डुंडा ब्लाक प्रमुख राजदीप सिंह परमार ने सिलक्यारा पहुंचकर उनके आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
साथ ही कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर व महाप्रबंधक से वार्ता की, जिसमें कंपनी ने सोमवार तक निर्णय लेने की बात कही है। ब्लाक प्रमुख राजदीप परमार ने कहा कि आपदा के इस दौर में निर्माणाकंपनी ने 65 स्थानीय श्रमिकों के साथ 65 परिवारों के समक्ष रोजी रोटी का संकट खड़ा कर दिया है, जो कि बेहद दुर्भाग्य पूर्ण है।
कहा कि स्थानीय लोगों ने सुरंग निर्माण कार्य के लिए अपनी जमीन दी है। बीते वर्ष 2023 में जब कंपनी में 41 श्रमिक फंस गए थे, तब भी ये श्रमिक कंपनी के साथ खड़े थे। कहा कि जब तक निर्माण कंपनी श्रमिकों को वापस नहीं लेती, वह उनके साथ खड़े हैं।
श्रमिकों के विरोध के चलते सुरंग निर्माण कार्य हुआ प्रभावित
आक्रोशित श्रमिक सिलक्यारा में ही सुरंग निर्माण के रास्ते के पास धरने पर बैठ गए हैं। उनके विरोध के चलते सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग का निर्माण कार्य प्रभावित हो गया है। शनिवार को 11 बजे के बाद से ही सुरंग निर्माण का काम नहीं हो पा रहा है। निर्माण कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि हटाए गए श्रमिकों के धरने के चलते आवश्यक सेवा भी प्रभावित हो रही है।
सुरंग निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। वर्ष 2023 में हुए हादसे के बाद कंपनी आर्थिक समस्या से जूझ रही है। इस कारण कंपनी ने श्रम कानून का पालन करते हुए ही सात दिन का नोटिस व एक महीने का अतिरिक्त मानदेय देते हुए कुछ श्रमिकों को हटाया गया है, जो विरोध कर रहे हैं, उन्हें काम पर वापस लेने का निर्णय कंपनी के उच्चाधिकारी ही ले सकते हैं। -श्रीराम, प्रोजेक्ट मैनेजर निर्माण कंपनी नव युगा।
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