जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर नगुण के पास लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण रविवार की शाम को राजमार्ग बाधित हो गया था। हालांकि, अब मार्ग को खोल दिया गया है। पर, यहां करीब दो सौ मीटर के हिस्से में रुक-रुक कर भूस्खलन हो रहा है। राजमार्ग बंद होने के कारण सब्जी, दूध, अखबार की गाड़ियां भी नगुण में फंसी रही। जरूरी आवाजाही करने वाले यात्री एसडीआरएफ की मदद से नगुण गदेरे को जान जोखिम में डालकर पार किया। 

उत्तराखंड में मौसम के तेवर तल्ख है। उत्तरकाशी जिले में भी बारिश के साथ ही भूस्खलन लोगों की मुसीबत बढ़ा रहा है। गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे बार-बार भूस्खलन होने से बाधित हो जाता है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ ही यात्रियों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा रहा है। अभी यमुनोत्री राजमार्ग डाबरकोट के पास बाधित है।

वहीं, चिन्यालीसौड़ और कंडीसौड़ को जोड़ने वाला स्यांसू मणी कुमराड़ा चिन्यालीसौड़ बाइपास मार्ग भी खालसी के पास गत शुक्रवार की रात से बाधित है। इस मार्ग पर भारी बोल्डर आए हुए हैं। साथ चिन्यालीसौड़ के निकट टिहरी झील के कारण मार्ग का बड़ा हिस्सा भू-धंसाव की चपेट में आ गया है।

उत्तरकाशी लंबगांव श्रीनगर मोटर मार्ग साड़ा के पास 18 जुलाई को पुल बहने के कारण बंद पड़ा हुआ। इस मार्ग के 15 अगस्त तक खुलने की उम्मीद है।

खतरे में रोड प्रोटक्शन गैलरी का निर्माण

वहीं, हाल ही में गंगोत्री राजमार्ग पर चुंगी बड़ेथी के पास भूस्खलन जोन में सुरक्षित आवाजाही के लिए रोड प्रोटक्शन गैलरी का निर्माण खतरे में पड़ गया। बीते मंगलवार दोपहर निर्माणाधीन रोड प्रोटक्शन गैलरी की नदी की साइड वाली बुनियाद के पास भारी भूस्खलन हुआ। इसके बाद रोड प्रोटक्शन गैलरी से यातायात को रोककर उसे मनेरा बाईपास मार्ग से संचालित किया गया।

यह भी पढ़ें- Uttarakhand Weather Update: उत्तराखंड में मौसम के तेवर तल्ख, सुबह से बारिश जारी; पहाड़ में भूस्खलन से दर्जनों मार्ग बंद

Edited By: Raksha Panthri

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट