उत्तरकाशी, जेएनएन। थाना धरासू क्षेत्र के अंतर्गत बजियाना जेस्टवाड़ी गांव के जंगल में युवक ने दरांती से अपनी गर्भवती पत्नी पर वार किया। गंभीर अवस्था में घायल पत्नी को पति ने घर पहुंचाया। उपचार के लिए हायर सेंटर ले जाते समय गर्भवती ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इसी बीच आरोपित पति ने जहरीला पदार्थ खा लिया। उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है तथा जिला अस्पताल में भर्ती है। गर्भवती के मायके पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने आरोपित पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।

तहसील चिन्यालीसौड़ के बिजयानी जेस्टवाड़ी में विजेश्वरी अपने पति श्रीपाल नेगी के साथ जंगल में चारा लेने के लिए गई थी। जंगल में किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। श्रीपाल नेगी ने अपनी पत्नी पर दरांती से वार किया तथा उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।

इसके बाद देर शाम को श्रीपाल नेगी पत्नी को लेकर घर पहुंचा। इस घटना का पता ग्रामीणों को लगा तो ग्रामीणों ने गंभीर रूप से घायल विजेश्वरी को चिन्यालीसौड़ सामुदायिक स्वास्थ केंद्र पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार देने के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों उसे एम्स ऋषिकेश रेफर किया। 

महिला ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिन्यालीसौड़ के चिकित्सक डॉ. नवीन पंचोला व डॉ. प्रवेश रांगड़ ने बताया कि महिला के गले में घाव होने के कारण खून काफी अधिक बह गया था। साथ ही महिला गर्भवती भी थी। 

थानाध्यक्ष धरासू विनोद थपलियाल ने बताया कि आरोपित श्रीपाल सिंह नेगी के नाम मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपित ने हत्या के बाद अपने घर में जहर खाया। जिसका पुलिस कस्टडी में जिला अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है। आरोपित उत्तरकाशी के किसी होटल में काम करता था। लॉकडाउन के चलते इन दिनों अपने घर में था।

लॉकडाउन में फंसे पैरोल पर छूटे कैदी

जिला कारागार पौड़ी से पैरोल पर छूटने वाले बाहरी राज्यों के पांच कैदियों को उनके घर तक छोड़ने के लिए पुलिस ने हाथ खड़े कर दिए हैं। पुलिस के इस निर्णय से बाहरी राज्यों के पांच कैदी पैरोल पर नहीं जा पा रहे हैं। इन कैदियों को छह माह का पैरोल मिला था।

कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए कारागार में कैदियों की भीड़ कम की जा रही है। जिसके तहत जिला कारागार के 12 सजायाफ्ता कैदियों को पैरोल व 16 विचाराधीन कैदियों को अंतरिम जमानत पर छोड़ने के आदेश हुए थे।

जिला कारागार के उप कारागार अधीक्षक डीपी सिन्हा ने बताया कि जिन 12 सजायाफ्ता कैदियों को छह माह के पैरोल पर छोड़ने का आदेश हुआ था। उनमें छह कैदी दिल्ली, हरियाणा, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश व बिहार प्रदेश के हैं। इन्हें इनके घर तक छोड़े जाने के लिए पुलिस को लिखा गया है। जबकि अन्य को पैरोल व अंतरिम जमानत पर छोड़ दिया गया है।

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वहीं एसएसपी पौड़ी दलीप सिंह कुंवर ने इन कैदियों को घर तक छोड़ने में असमर्थता जताई है। बताया कि लॉक डाउन के चलते सभी ट्रेन व होटल बंद हैं। ऐसे में कैदियों को एक राज्य से दूसरे राज्य तक ले जाना संभव नहीं है। इस संबंध में जेल प्रशासन को अवगत करा दिया है।

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Posted By: Bhanu Prakash Sharma

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