Uttarkashi: डीएम ने अस्थायी झील का निरीक्षण कर लिया जायजा, दिया राहत भरा अपडेट
Uttarkashi Disaster उत्तरकाशी के हर्षिल-धराली क्षेत्र में आपदा के बाद बनी अस्थाई झील का जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि झील से जल का प्रवाह सामान्य है जिससे खतरे की आशंका कम है। नदी किनारे से मलबा हटाने का काम चल रहा है। प्रशासन ने प्रभावित किसानों से सब्जियां खरीदीं और क्षतिग्रस्त गंगोत्री हाईवे का भी जायजा लिया।

जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। हर्षिल-धराली क्षेत्र में आई आपदा के बाद बनी अस्थायी झील का गुरुवार को जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने निरीक्षण कर जायजा लिया। उन्होंने कहा कि झील से जल का प्रवाह सुचारू रूप से हो रहा है। इस कारण किसी तरह के बड़े खतरे की आशंका नहीं है। हालांकि नदी किनारे बहाव को अवरोध मुक्त करने का काम जारी है।
एक किमी लंबी अस्थायी झील
बता दें कि हर्षिल-धराली क्षेत्र में आई आई आपदा के बाद ही वहां पर करीब एक किमी लंबी अस्थायी झील बनी हुई है। इस झील के बनने से भागीरथी नदी के किनारे बसे आवासीय भवनों को खतरा की आशंका जतायी जा रही थी।
गुरूवार को झील का निरीक्षण करने पहुंचे डीएम आर्य ने कहा कि झील के किनारे बहाव को अवरुद्ध करने वाले मबले को हटाने का काम मैनुअल रूप किया जा रहा है। दलदल युक्त स्थल होने के कारण भारी मशीनों की तैनाती संभव नहीं हो पा रही है।
वर्तमान में स्थानीय संसाधनों व श्रमिकों की सहायता से ही सतत सफाई का काम किया जा रहा है। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह क्षेत्र में सतर्क निगरानी बनाए रखते हुए समय-समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही आपात स्थिति से निपटने को पूर्व तैयारी रखें।
प्रभावित काश्तकारों से खरीदी सब्जियां
उत्तरकाशी: आपदा प्रभावित हर्षिल घाटी में प्रशासन ने प्रभावित 21 काश्तकारों से गुरुवार को 37080 रूपए की सब्जियां खरीदी। प्रभावित मार्ग बंद होने से सब्जी व फल को बाजार नहीं पहुंचा पा रहे थे। अब यह सब्जियां आपदा प्रभावित क्षेत्र में चल रहे राहत शिविरों में प्रभावितों समेत एनडीआरएफ, एसडीआरएफ आदि से संबंधित एजेसियों द्वारा चलाए जा रहे सामुदायिक किचेन में उपभोग में लाई जाएंगी।
क्षतिग्रस्त हाईवे का लिया जायजा
उत्तरकाशी: डीएम प्रशांत आर्य ने गुरुवार को सोनगाड व डबरानी के बीच क्षतिग्रस्त गंगोत्री हाईवे का भी जायजा लिया। पैदल यात्रा कर सड़क की स्थिति को देखते हुए उन्होंने निर्माण एजेंसियों व विभागीय अधिकारियों को सड़क मार्ग की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर करने के निर्देश दिए।
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