संवाद सूत्र, बड़कोट : यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर अब यात्रा निष्कंटक होगी। जल्द ही नासूर बन चुके डाबरकोट भूस्खलन जोन का ट्रीटमेंट शुरू कर दिया जाएगा। इसके तहत राष्ट्रीय राजमार्ग अथॉरिटी डाबरकोट में चार सौ मीटर लंबी सुंरग बनाएगा। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है, अब डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जानी है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा।

यमुनोत्री धाम से 20 किलोमीटर दूर डाबरकोट नामक स्थान में वर्ष 2017 में उभरा भूस्खलन जोन चुनौती बन चुका है। आलम यह रहा कि जून 2018 से अक्टूबर 2018 तक इस स्थान पर सड़क मलबा आने के कारण 1200 घटे बंद रही थी, तब यमुनोत्री धाम आने वाले यात्रियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वर्षभर सक्रिय रहने वाले इस भूस्खलन जोन के ट्रीटमेंट के लिए भूगर्भ वैज्ञानिकों ने सर्वेक्षण भी किया, लेकिन ठोस समाधान नहीं निकल सका। बाद में एनएच और लोक निर्माण विभाग ने वैकल्पिक मार्ग तैयार करने की कवायद की, लेकिन इसमें भी कामयाबी नहीं मिली। हालत यह है कि यात्रा काल में यहा मलबा हटाने के लिए दो जेसीबी दिन-रात तैनात करनी पड़ रही है। एनएच के अधिशासी अभियंता नवनीत पाडेय ने बताया कि अब एनएच यहा सुरंग तैयार करेगा। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है, जल्द ही डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी।

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छह माह में पूरा हो जाएगा सड़क का चौड़ीकरण

इन दिनों यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर ऑलवेदर रोड प्रोजेक्ट के तहत चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। मंगलवार को एनएच के अधीक्षण अभियंता ओमप्रकाश ने कार्य का निरीक्षण किया।

इस दौरान उन्होंने कहा कि हाईवे पर स्थित पाल गाव से पॉलीगाड तक 21 किलोमीटर लंबी सड़क को 10 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। वर्तमान में इसकी चौड़ाई चार से छह मीटर है। उन्होंने बताया कि हाईवे पर आठ पुलों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण श्रमिकों के घर लौटन से कार्य की रफ्तार पर असर पड़ा, लेकिन अब श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि निर्माण वक्त पर पूरा हो जाएगा।

Edited By: Jagran

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