Uttarakhand Crime: फर्जी अधिकारी बनकर 64 लाख की ठगी, प्राथमिकी पंजीकृत कर जांच शुरू
उत्तराखंड के काशीपुर में एक व्यक्ति को फर्जी अधिकारी बनकर 64 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित को सरकारी योजनाओं में निवेश का लालच दिया गया था। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और ठग को पकड़ने के लिए टीम गठित की गई है।

64 लाख 72 हजार 518 रुपये की ठगी। प्रतीकात्मक
जागरण संवाददाता, रुद्रपुर। इंडिया निवेश का फर्जी अधिकारी बनकर इनवेस्ट के नाम पर काशीपुर निवासी व्यक्ति से 64 लाख 72 हजार 518 रुपये की ठगी की गई है। मामले में पीड़ित ने साइबर थाना पुलिस को तहरीर सौंप कार्रवाई की मांग की है। साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।
काशीपुर के गिरी ताल आनंद विहार निवासी व्यक्ति ने बताया कि उनके मोबाइल नंबर पर बुल स्टाक चार्जर नाम से लिंक भेजकर वाट्सएप ग्रुप से जोड़ा गया। इसमें शेयर मार्किट संबंधित जानकारी साझा की जाती थी। जिसके बाद उसने ग्रुप में दिए गए टिप्स स्टाक मार्केट में लाभ के लिए प्रयोग किए। साथ ही एक माह तक ग्रुप की गतिविधि देखता रहा। इसके बाद एक दिन अचानक उनके मोबाइल पर एक काल आई।
कालर ने बताया कि वह इंडिया निवेश इनवेस्टमेंट ग्रुप की मैनेजर है और उसका नाम वान्या गिल है। उसकी वान्या से दो बार वाट्सएप काल पर बात हुई। इस दौरान वह उसे इनवेस्टमेंट के लिए उकसाने लगी। महिला के कहने पर इनवेस्ट करना शुरू कर दिया। इस बीच उससे आधार कार्ड एवं पैन कार्ड मांगा गया। साथ ही महिला के बताए गए खाते में 20 हजार रुपये ट्रांसफर किए।
वान्या पर विश्वास कर उसने पांच नवंबर से 26 नवंबर 2025 तक आठ ट्रांजेक्शन में 64 लाख से अधिक रुपये इनवेस्ट कर दिए। इसमें उसे काफी लाभ दिखाया जा रहा था, जब उसने रुपये निकालने के लिए आवेदन किया तो रुपये नहीं निकल पाए। इस पर उसे ठगी का एहसास हुआ। पीड़ित ने साइबर थाना पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। साइबर थाना प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर प्राथमिकी पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी गई है।

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