विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Udham Singh Nagar: जमीन विवाद में कार्रवाई न होने पर मोबाइल टावर पर चढ़ा किसान, मचा हंगामा

By arvind singhEdited By: Nirmal Pareek
Published: Sun, 19 Feb 2023 10:48 PM (IST)

Udham Singh Nagar जमीन विवाद के मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई न होने से आहत फौजी ...और पढ़ें

जमीन विवाद में कार्रवाई न होने पर मोबाइल टावर पर चढ़ा किसान
जमीन विवाद में कार्रवाई न होने पर मोबाइल टावर पर चढ़ा किसान

जागरण संवाददाता, रुद्रपुर: जमीन विवाद के मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई न होने से आहत फौजी मटकोटा निवासी व्यक्ति मोबाइल टावर पर चढ़ गया। लोगों ने समझाने का प्रयास किया तो नहीं माना। कुछ लोग उसे नीचे लाने के लिए टावर पर चढ़ने लगे तो उसने कूद जाने की धमकी दे दी। हंगामा खड़ा होने पर किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों की मदद से उसे किसी तरह नीचे उतारा।

डेढ़ घंटे तक चले इस पूरे घटनाक्रम के दौरान ग्रामीणों के साथ ही पुलिसकर्मियों की सांसें भी उस व्यक्ति के टावर से कूद जाने की आशंका में सांसें अटकी रहीं। एसएसआइ कमाल हसन ने बताया कि पीड़ित से शिकायती पत्र देने के लिए कहा है। इसके बाद जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

फौजी मटकोटा निवासी राजीव सिरोही खेतीबाड़ी करता है। रविवार शाम वह साढ़े पांच बजे के आसपास गांव में ही स्थित बीएसएनएल के मोबाइल टावर पर चढ़ गया। ग्रामीणों सकते में आ गए। टावर से उतरने को कहा तो कूद जाने की धमकी देने लगा। सूचना पर टीम के साथ पहुंचे एसएसआइ कमाल हसन, एसआइ महेश कांडपाल ने उसे समझाने का प्रयास किया।

राजीव ने बताया कि उसके पिता धर्मपाल सिंह का देहांत हो चुका है। पूर्व में ताऊ ने 10 एकड़ जमीन किसी को बेच दी थी। इसका मामला कोर्ट में चल रहा है। मुजफ्फरनगर निवासी एक व्यक्ति ने कोर्ट में पैरवी के दौरान राजीव की मदद की थी। आरोप है कि उस व्यक्ति ने दस रुपये के स्टांप पर उसकी मां के हस्ताक्षर करा लिए। हस्ताक्षरयुक्त कागज का दुरुपयोग कर उसकी पांच एकड़ भूमि हड़पने के लिए उस व्यक्ति ने फर्जी कागज बना लिए हैं। आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन भी उसकी मदद नहीं कर रहा है। ऐसे में मजबूर होकर उसे यह कदम उठाना पड़ा। बाद में पुलिस और ग्रामीणों के समझाने पर वह करीब डेढ़ घंटे बाद टावर से नीचे उतरा। ग्रामीणों ने उसे पानी पिलाया और समझा-बुझाकर घर भेज दिया।