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    Udham Singh Nagar: तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार छात्र की मौत, परिवार में छाया मातम

    By brijesh pandeyEdited By: Siddharth Chaurasiya
    Updated: Mon, 28 Aug 2023 08:16 PM (IST)

    किच्छा-हल्द्वानी मार्ग पर आनंदपुर मोड़ के पास ट्रक की ट्रक से बाइक सवार युवक की मृत्यु हो गई। शांतिपुरी नगला निवासी छात्र मिलन (17 वर्षीय) दो साल से गोलगेट स्थित बालाजी क्लीनिक में हेल्पर का काम कर रहा था। उसे अपनी किताबें लेनी थी। सोमवार को वह करीब दोपहर डेढ़ बजे क्लीनिक से किच्छा मौसी के घर जाने के लिए बाइक से निकला था।

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    किच्छा-हल्द्वानी मार्ग पर आनंदपुर मोड़ के पास ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार छात्र की मौत हो गई।

    संवाद सूत्र, शांतिपुरी। किच्छा-हल्द्वानी मार्ग पर आनंदपुर मोड़ के पास ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार छात्र की मौत हो गई। शांतिपुरी नगला निवासी छात्र, मिलन (17 वर्षीय) दो साल से गोलगेट स्थित बालाजी क्लीनिक में हेल्पर का काम कर रहा था। उसे अपनी किताबें लेनी थी।

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    सोमवार को वह अपराह्न करीब डेढ़ बजे क्लीनिक से किच्छा मौसी के घर जाने के लिए अपनी पल्सर बाइक से निकला था। रास्ते में आनंदपुर मोड़ के पास सामने से आ रहे ट्रक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। जिससे वह गंभीर रुप से घायल हो गया।

    सूचना पर पहुंची किच्छा पुलिस ने युवक को अस्पताल पहुंचाया। जहां पर चिकित्सकों ने मृत्यु घोषित कर दिया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रुद्रपुर भेज दिया। मृतक अपने माता पिता का इकलौता पुत्र था, जबकि उसकी दो छोटी बहनें राधा और रिशु राखी के ठीक दो दिन पहले अपने इकलौते भाई को खोने के गम में डूबी हैं। नगला में किराये के मकान में परिवार रख कर पिता टाटा मोटर्स में ठेकाकर्मी हैं। इकलौते पुत्र की मौत से घर में मातम छाया हुआ है।

    'अब मैं किसको बांधूंगी राखी?'

    वहीं, एक दूसरे मामले में रक्षाबंधन से दो दिन पूर्व इकलौते भाई की मौत पर छोटी बहनों पर मानो गमों का पहाड़ ही टूट पड़ा। पिता को सूचना मिली तो वह सीधे घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े और शव के साथ ही किच्छा चले गए। पड़ोसियों ने उनके घर में मिलन की मौत की सूचना छुपाकर सिर्फ हादसे की सूचना दी।

    लगभग दो घंटे बाद मिलन की मौत की सूचना मिलते ही मां और दोनों बहनों का करूण क्रंदन सुनकर पड़ोसियों की भी आंखें छलक उठीं। राधा और रीशू का रोते-रोते बुरा हाल हो गया। वह बार-बार बेहोश हो जातीं और होश आने पर लोगों से एक ही बात पूछतीं कि अब मैं किसको राखी बांधूंगी।