संवाद सहयोगी, खटीमा: पुलिस ने आलावृद्घि गांव में नवजात को खेत में गाड़ने के मामले में अज्ञात आरोपितों के विरुद्घ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इधर, जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य डा. अमित श्रीवास्तव ने गुरुवार को नागरिक अस्पताल पहुंचकर बच्चे का नाम दीपक रखा।

बुधवार को आलावृद्घि गांव के कुंडल सिंह भंडारी के खेत में मिट्टी से दबा एक नवजात मिला था। उसे नागरिक अस्पताल भर्ती कराया। कई लोग बच्चे को गोद लेने के लिए आगे आए। पुलिस ने गांव की मंजू देवी की तहरीर पर अज्ञात आरोपितों के विरुद्घ धारा 315 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार ठाकुर ने बताया कि गांव में गर्भवती महिलाओं के साथ ही रिश्तेदारी में आकर अचानक लापता होने वाली युवतियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इसके लिए गांव की आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं एएनएम से भी पूछताछ की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

डा. श्रीवास्तव ने बताया कि 15 नवंबर तक अस्पताल में ही उपचार के बाद दीपक को शिशु सदन अल्मोड़ा भेज दिया जाएगा। नवजात के जैविक माता-पिता की दो माह तक तलाश की जाएगी। कोई सामने नहीं आया तो दत्तक ग्रहण के लिए लीगल फ्री कर दिया जाएगा। इस मौके पर सीएमएस डा. सुषमा नेगी, बाल रोग विशेषज्ञ डा.अमित बंसल आदि मौजूद थे।

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दूसरी ओर, इस घटना को लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। बच्चे को इस कदर मरने के लिए छोड़ देने वाली मां के ममत्व को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। सभी जानना चाहते हैं कि आखिर एक महिला किस मजबूरी में अपने कलेजे के टुकड़े को सर्द मौसम में जमीन में गाड़ कर मरने के लिए छोड़ गई।

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