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    उत्‍तराखंड में अवैध मदरसों की जांच, लेकिन सील करने के सम्बन्ध में मदरसा बोर्ड के पास नहीं कोई जानकारी

    Updated: Fri, 11 Apr 2025 02:45 PM (IST)

    Madrasa Board उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के पास अवैध मदरसों की जांच और सीलिंग से संबंधित कोई सूचना नहीं है। राज्य में कुल 452 वैध मदरसे संचालित हैं जिनमें से अधिकांश हरिद्वार जिले में हैं। यह खुलासा सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन को उत्तराखंड मदरसा बोर्ड द्वारा उपलब्ध करायी गयी सूचना से हुआ। जानिए उत्तराखंड में मदरसों के पंजीकरण और मान्यता की प्रक्रिया के बारे में।

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    Madrasa Board: सील करने के सम्बन्ध में मदरसा बोर्ड के पास कोई सूचना उपलब्ध नहीं। प्रतीकात्‍मक

    जागरण संवाददाता, काशीपुर। Madrasa Board: अवैध मदरसों की जांच, सील करने, सम्बन्धित नियम प्रावधानों के सम्बन्ध में उत्तराखंड सरकार के मदरसोें को मान्यता देने वाले उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद के पास कोई सूचना उपलब्ध नहीं है। उत्तराखंड में 7 जिलों में कुल 452 वैध मदरसे संचालित हो रहे हैं। यह खुलासा सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन को उत्तराखंड मदरसा बोर्ड द्वारा उपलब्ध करायी गयी सूचना से हुआ।

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    काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन (एडवोकेट) ने उत्तराखंड सरकार के उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद, देहरादून के लोक सूचना अधिकारी से अवैध मदरसों की जांच तथा वैध मदरसों की संख्या के सम्बन्ध में सूचनायें चाही थी। इसके उत्तर में उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद के लोक सूचना अधिकारी/ उप रजिस्ट्रार मोहम्मद ओबैदुल्लाह अंसारी ने अपने पत्रांक 01 व 02 से उत्तर व सूचनायें उपलब्ध करायी है।

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    उत्तराखंड में कुल 452 मदरसे मान्यता प्राप्त तथा वैध

    नदीम को उपलब्ध सूचना के अनुसार उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद देहरादून में अवैध मदरसों की जांच/मदरसों की संख्या/सूचना से संबंधित कोई भी अपेक्षित अभिलेख उपलब्ध नहीं है। नदीम को मदरसा बोर्ड द्वारा उपलब्ध कराये गये उत्तराखंड में वैध व मान्यता प्राप्त मदरसों की संख्या के विवरण के अनुसार उत्तराखंड में कुल 452 मदरसे मान्यता प्राप्त तथा वैध हैं।

    इसमें सर्वाधिक 270 वैध मदरसे हरिद्वार जिले में, दूसरे स्थान में 119 वैध मदरसे जिला उधमसिंह नगर में तथा तीसरे स्थान पर 41 मदरसे देहरादून जिले में, चैथे स्थान पर 18 मदरसे नैनीताल जिले में, पांचवें स्थान पर 2 मदरसे चम्पावत जिले में तथा छठे स्थान पर 1-1 मदरसा अल्मोड़ा व पिथौरागढ़ जिले में चल रहे हैं।

    कुल 452 मदरसों में 233 मदरसे तहतानिया (कक्षा 1 से 5 तक स्तर) तथा 165 मदरसे फोकानिया (कक्षा 6 से 8 तक), 46 मदरसे मुंशी/मौलवी (कक्षा 09 व 10 स्तर) तथा 8 मदरसे आलिम अरबी फारसी (कक्षा 11 से 12 तक) शामिल है।

    प्राइमरी स्तर पर 233 मदरसे, जूनियर हाईस्कूल में 165

    प्राइमरी स्तर (तहतानिया) के कुल 233 मदरसों में 27 देहरादून, 12 नैनीताल, 1 अल्मोड़ा, 1 पिथौरागढ़, 142 हरिद्वार, 48 उधमसिंह नगर तथा 2 चम्पावत जिले में संचालित हो रहे है। जूनियर हाई स्कूल (फौकानिया) स्तर के उत्तराखंड में कुल 165 वैध मदरसे संचालित है जिसमें 13 देहरादून, 5 नैनीताल, 104 हरिद्वार, 43 उधमसिंह नगर जिलों में स्थित है।

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    माध्यमिक में 46 वैध मदरसे

    माध्यमिक (मुंशी/मौलवी) स्तर के उत्तराखंड में कुल 46 वैध मदरसों में 22 हरिद्वार, 24 उधमसिंह नगर जिले में संचालित हो रहे हैं। इन्टर (आलिम अरबी-फारसी) स्तर के उत्तराखंड में कुल 8 मदरसे संचालित है जिसमें 1-1 हरिद्वार व नैनीताल जिले, 2 हरिद्वार जिले तथा 4 उधमसिंह नगर जिले में संचालित है।

    कैसे होता है उत्तराखंड में पंजीकरण?

    • नदीम को उपलब्ध सूचना के अनुसार उत्तराखंड में उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम 2016 तथा उत्तराखंड अशासकीय अरबी और फारसी मदरसा मान्यता विनियमावली 2019 के प्रावधानों के अन्तर्गत मदरसों का रजिस्ट्रेशन तथा मान्यता उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा दी जाती है।
    • इसके लिये आवेदन मदरसा चलाने के इच्छुक व्यक्ति, रजिस्टर्ड समिति द्वारा जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी/समाज कल्याण अधिकारी के माध्यम से उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद को किया जाता है।
    • मदरसों के लिये निर्धारित मापदंड पूर्ण करने पर मदरसों को मान्यता दी जाती हैं।
    • विनियमावली के अनुसार मदरसों की समिति सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के अन्तर्गत रजिस्टर्ड होना आवश्यक है लेकिन वक्फ बोर्ड में रजिस्टर्ड मदरसों को भी अस्थाई मान्यता दी जा सकती है।