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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कनिष्ठ सहायक परीक्षा: खटीमा विधायक ने उठाए सवाल, कहा- 'पेपर के चारों सेट एक समान, कराई जाए सीबीआइ जांच'

By gyanendra shuklaEdited By: Nirmala Bohra
Published: Mon, 06 Mar 2023 02:12 PM (IST)

JUNIOR ASSISTANT WRITTEN EXAM खटीमा विधायक भुवन चंद्र कापड़ी ने रविवार को हुई कनिष्ठ सहायक लिखित परीक्षा पर सवाल उठाए ...और पढ़ें

JUNIOR ASSISTANT WRITTEN EXAM: खटीमा विधायक भुवन चंद्र कापड़ी ने कनिष्ठ सहायक लिखित परीक्षा पर सवाल उठाए हैं।
JUNIOR ASSISTANT WRITTEN EXAM: खटीमा विधायक भुवन चंद्र कापड़ी ने कनिष्ठ सहायक लिखित परीक्षा पर सवाल उठाए हैं।

टीम जागरण, रुद्रपुर: JUNIOR ASSISTANT WRITTEN EXAM: खटीमा विधायक भुवन चंद्र कापड़ी ने रविवार को हुई कनिष्ठ सहायक लिखित परीक्षा पर सवाल उठाए हैं। उन्‍होंने कहा है कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और उत्तराखंड लोक सेवा आयोग में भ्रष्टाचार की जांच प्रदेश सरकार नहीं करा रही।

युवाओं और बेरोजगारी ने सीबीआई जांच की मांग की, लोकिन सरकार इनकी आवाज को दबाने का काम कर रही है। उन पर लाठीचार्ज किया जा रहा है।

हाईकोर्ट के सिटिंग जज से इन प्रकरणों की जांच कराएं

विधायक ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता रहे इसके लिए वह सीबीआइ जांच की मांग कर रहे हैं। सरकार हाईकोर्ट के सिटिंग जज से इन प्रकरणों की जांच कराए। सोमवार को विधायक भुवन कापड़ी ने रुद्रपुर स्थित सिटी क्लब में पत्रकार वार्ता में प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

विधायक खटीमा ने कहा कि प्रदेश सरकार एसटीएफ से जांच करा रही है, लेकिन सीबीआइ से जांच कराने में पीछे हट रही है। कहा कि आखिर कौन सी ताकत है जो सरकार को ऐसा करने से रोक रही है।

चारों प्रश्नपत्र के सेट समान

विधायक ने आरोप लगाया कि रविवार को कनिष्ठ सहायक के पदों के लिए हुई लिखित परीक्षा में दिए गए चारों प्रश्नपत्र के सेट समान हैं। कई जगह सील टूटी मिली और पेपर में चिपकी मिली है। यह भ्रष्टाचार की तरफ इशारा कर रहे हैं। विधायक ने कहा कि पेपर लीक या इस तरह के भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को संरक्षण न देकर कड़ी कार्रवाई करें, क्योंकि पूर्व में प्रकरण में संलिप्त 75 फीसद आरोपित हाईकोर्ट से जमानत पर छूट गए हैं।

विधायक ने कहा कि जो पेपर लीक मामले में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रहे थे, प्रदेश सरकार ने नकल विरोधी कानून लाकर ऐसे युवाओं की आवाज दबाई है। सरकार सहायक कनिष्ठ परीक्षा की सीबीआइ जांच कराए और जिस भी स्तर से गलती हुई है या किया गया है, संबंधित पर कड़ी कार्रवाई करे।