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होटल रिव्यू के नाम पर व्यापारी से लाखों की साइबर ठगी, इस तरह बनाया शिकार

Published: Thu, 13 Nov 2025 03:57 PM (IST)

रुद्रपुर में एक व्यापारी साइबर ठगी का शिकार हुआ। धोखेबाजों ने होटल समीक्षा और ऑनलाइन निवेश के नाम पर उससे ...और पढ़ें

पीड़ित की शिकायत पर पंतनगर थाना पुलिस ने पंजीकृत की प्राथमिकी, जांच। प्रतिकात्‍मक

पीड़ित की शिकायत पर पंतनगर थाना पुलिस ने पंजीकृत की प्राथमिकी, जांच। प्रतिकात्‍मक

जागरण संवाददाता, रुद्रपुर। व्यापारी से होटल रिव्यूज और आनलाइन इनवेस्ट के नाम पर साइबर ठगों ने 23 से 30 अक्टूबर तक 10.50 लाख रुपये की ठगी कर ली। इसका एहसास होते ही पीड़ित ने पुलिस को तहरीर सौंप रुपये वापस दिलाने की मांग की। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।

इंदिरा कालोनी पंतनगर निवासी दयाशंकर शर्मा पुत्र ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि वह व्यवसाय करते है। 23 अक्टूबर 2025 को उसके टेलीग्राम एकाउंट पर एक टेलीग्राम आइडी एश्वर्या एचआर थ्री से गूगल रेस्टोरेंट पर रिव्यूज देने के लिए टास्क दिया गया। इस दौरान उसकी डिटेल्स लेकर एक रजिस्ट्रेशन आईडी दी गई। साथ ही एक आइडी अर्चना पर संपर्क करने को कहा गया। इस पर उसने संपर्क किया तो उसे होटल और रिजार्ट रिव्यूज और डेटा टास्क काम दिया गया। साथ ही कुछ बोनस भी उसके बैंक खाते में ट्रांसफर की। 24 अक्टूबर को उसे एक लिंक देकर रजिस्टर करने को कहा गया।

बाद में 15 हजार रुपये इनवेस्ट करने के लिए कहा गया। बाद में उसे एक वीआइपी टास्क ग्रुप से जोड़ा गया। उसमें आशुतोष कुमार नाम के व्यक्ति ने उसे क्रिप्टो एकाउंट में ट्रेडिंग कराई। जिसमें कई अन्य लोग भी जुड़े थे। ट्रेडिंग के समय इंटरनेट न चलने की वजह से उससे गलती होने और उसके सारे एसेट्स फ्रीज होने की बात बतााई गई। जिसके बाद उन्होंने सिस्टम रिपेयर किए जाने के नाम पर उससे 58500 रुपये देने को कहा गया। बाद में दोबारा एसेट्स फ्रीज हो गए और उससे 147270 रुपये देने को कहा। जिसके बाद उसकी ट्रेडिंग सही हुई और उसके खाते में 344332 रुपये दिखाई दिए। जब उसने टेलीग्राम रिफण्ड सर्विस लिंक पर रिफंड लेने के लिए आवेदन किया तो तीन हजार रुपये उसके खाते में आ गए लेकिन शेष रकम फ्रीज हो गई। जिसे अन-फ्रीज किए जाने के लिए उससे 341332 रुपये मांगे गए।

इस पर उसने यह धनराशि अलग अलग खातों में यूपीआई के माध्यम से ट्रांसफर कर दिया। बाद में वह धनराशि नहीं निकाल पाया। इस दौरान उसे बताया गया कि प्वाइंट कम होने के कारण रुपये नहीं निकाल पाएंगे। इसके लिए 488600 रुपये देने होंगे। इस तरह से उसने उनके बताए अनुसार 1050702 रुपये इनवेस्ट कर दिए लेकिन रुपये नहीं आए। आरोप लगाया कि होटल के रिव्यूज तथा आनलाइन इनवेस्ट के नाम पर उससे 10.50 लाख की ठगी की गई है। उसने पुलिस से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। थानाध्यक्ष पंतनगर नंदन सिंह रावत ने बताया कि अज्ञात साइबर ठगों पर प्राथमिकी पंजीकृत की गई है। जांच की जा रही है, इसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।