Uttarakhand Crime: इस साल तेजी से बढ़ रहा अपराध का ग्राफ, चौंकाने वाले आंकड़े
कुमाऊं में अपराधों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है, जहां 2024 की तुलना में 2025 में अधिक मामले दर्ज हुए हैं। इस साल जनवरी से मई तक 2362 अपराध पंजीकृत हुए, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 2176 थे। डकैती, लूट, अपहरण और दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों में वृद्धि हुई है। कुल दर्ज मामलों में से 48% पर ही कार्रवाई हुई है, और 1840 अभियुक्तों की गिरफ्तारी अभी बाकी है।

प्रतीकात्मक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, काशीपुर। कुमाऊं में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष तेजी से अपराध का ग्राफ बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। जहां वर्ष 2024 में 2176 अपराध दर्ज हुये थे वहीं 2025 में 2362 अपराध दर्ज हुए हैं। डकैती, लूट, अपहरण, दुष्कर्म सहित गंभीर अपराधों में पिछले वर्षों की अपेक्षा बढ़ोत्तरी हुई है। दर्ज मामलों के 48 प्रतिशत कार्यवाही तथा 1840 अभियुक्त गिरफ्तारी को शेष है।
काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन (एडवोकेट) ने पुलिस महानिरीक्षक, कुमाऊं क्षेत्र, नैनीताल के लोक सूचना अधिकारी से दर्ज अपराधों व उन पर कार्यवाही के विवरणों की सूचना मांगी थी।
01 जनवरी 2025 से 31 मई 2025 तक 5 माह की जानकारी मिली थी। आंकड़े के अनुसार 2025 में 5 माह की अवधि में कुल 2362 अपराध पंजीकृत हुए हैं जबकि 2024 में इस अवधि में 2176 अपराध ही दर्ज हुए थे।
डकैती के 5, लूट के 19, वाहन लूट- शून्य, स्नेचिंग 7, गृहभेदन (कूमल आदि लगाना) 65, वाहन चोरी 167, चोरी 90, हत्या 27, बलवा 135, फिरौती को अपहरण 2, हत्या को अपहरण- शून्य, महिला अपहरण 53, अन्य अपहरण 5, दहेज हत्या 7, दुष्कर्म 170, अन्य आई.पी.सी. अपराध 1610 दर्ज हुए है।
जबकि वर्ष 2024 में इस अवधि में डकैती के 3, लूट के 10, वाहन लूट 3, स्नेचिंग 2, गृहभेदन 67, वाहन चोरी 180, चोरी 146, हत्या 23, बलवा 103, फिरौती हेतु अपहरण -शून्य, हत्या को अपहरण 2, महिला अपहरण 34, अन्य अपहरण 3, दहेज हत्या 6, दुष्कर्म 142 तथा अन्य आईपीसी. अपराध 1452 दर्ज हुए थे।
महिला अपहरण, दहेज हत्या में आई कमी
जनवरी से मई तक माह की अवधि में कुमाऊं में दर्ज अपराधों में जहां डकैती, लूट, स्नैचिंग, हत्या बलवा, फिरौती को अपहरण, महिला अपहरण, अन्य अपहरण, दहेज हत्या, बलात्कार तथा अन्य आई.पी.सी. अपराधों में बढ़ोत्तरी हुई हैं वहीं वाहन लूट, गृहभेदन, वाहन चोरी, चोरी, हत्या हेतु अपहरण के दर्ज अपराधों में वर्ष 2024 की इस अवधि की अपेक्षा कमी हुई है।
पुलिस ने 1876 मामले में किया अनावरण, 187 में लगाया फाइनल रिपोर्ट
कुल 2362 दर्ज अपराधों में 33 को खारिज कर दिया गया है। शेष 2369 अपराधों में से 1876 का अनावरण कर दिया गया है। इसमें केवल 573 मामलों में अभियुक्त को दोषी मानते हुये चार्जशीट लगाकर न्यायालय में मुकदमें की कार्यवाही को प्रेषित की गयी जबकि 187 मामलों को फाइनल रिपोर्ट लगाकर बंद कर दिया गया तथा 1569 मामलों में अभी विवेचना जारी है।
विभिन्न अपराधिक मामलों में 1840 की गिरफ्तार होना शेष
नदीम को उपलब्ध विवरण के अनुसार कुल 4265 अभियुक्तों में से 268 गलत (निर्दोष) पाये गये, शेष 3997 अभियुक्तों में से 1049 को गिरफ्तारी के स्थान पर धारा 41ए का नोटिस देकर विवेचना करने की कार्यवाही की गयी, 42 अभियुक्त हाजिर हुये, 55 को फाइनल रिपोर्ट लगाकर निर्दोष माना गया, 55 अभियुक्तों ने गिरफ्तारी पर स्टे ले रखा है, 924 अभियुक्त गिरफ्तार किये गये हैं। इस प्रकार कुल 52 प्रतिशत 2070 अभियुक्तों के सम्बन्ध में कार्यवाही की गयी तथा 1840 की गिरफ्तार होना शेष है।
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