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    Uttarakhand Heavy Rain: टिहरी में फटा बादल, भारी नुकसान; बूढ़ाकेदार में नदी उफान पर

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 01:46 PM (IST)

    टिहरी के भिलंगना ब्लॉक के गेंवाली में बादल फटने से रास्ते और संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई है लेकिन ग्रामीणों की कृषि भूमि और परिसंपत्तियों को भारी नुकसान हुआ है। बूढ़ाकेदार क्षेत्र में नदी उफान पर है। जिला प्रशासन ने सभी से सतर्क रहने की अपील की है। प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों को जाने वाले अधिकांश मोटर मार्ग बंद हो गए हैं।

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    बूढ़ाकेदार क्षेत्र में नदी उफान पर है। Jagran

    जासं, टिहरी। दैवीय आपदाओं से संवेदनशील भिलंगना विकासखंड में बीती रात गेंवाली गांव के पास गदेरे में बादल फटने की घटना ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दीं। अचानक आई इस आपदा से क्षेत्र में भारी मलबा और पानी आने के कारण कई नाली कृषि भूमि बह गई। पैदल रास्ते व मोटर मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए। साथ ही अन्य परिसंपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है।

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    कई गांवों को जोड़ने वाला तोली-जखाना मोटर मार्ग बंद हो गया है। जिससे प्रशासन की टीम जखाना से आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। ग्राम प्रधान विजेश्वरी देवी के अनुसार देर रात तेज बारिश के बाद गदेरे में आई भीषण बाढ़ से खेतों में खड़ी फसलें बह गईं और कुछ स्थानों पर खेतों में मलबा भर जाने से जमीन अनुपयोगी हो गई है। साथ ही कई पैदल रास्ते टूट जाने से लोगों का आपसी संपर्क बाधित हो गया है। ग्रामीण वचन सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की दो छानिया भी दब गई हैं। जिसमें दो मवेशियों के दबे होने की संभावना है।

    गांव के प्राकृतिक जल स्रोत, पसील नाम तोक में पैदल संपर्क मार्ग, पैदल पुलिया टूट गई हैं। घटना की सूचना मिलते ही तहसील प्रशासन की टीम प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने के लिए रवाना हो गई है। अधिकारियों ने नुकसान का आंकलन कर शीघ्र ही राहत कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया है। इधर, लगातार बारिश से पट्टी नेलचामी क्षेत्र में भी जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई जगह भूस्खलन होने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्राम सुमार्थ में उमेद सिंह की गौशाला टूटने से एक पशु की मौत हो गई हैं। साथ ही ग्रामीण प्रकाश नौटियाल का एक आवासीय कमरा भी टूट गया है।

    चकरेडा गांव के सरोली तोक में एक छह कमरों का आवासीय मकान खतरे की जद में आ गया है। जिसको देखते हुए प्रशासन की टीम ने इस मकान में निवासरत तीन परिवारों को गांव में अन्य रिश्तेदारों के यहां शिफ्ट करा दिया है। ग्राम प्रधान राखी देवी ने बताया कि गांव के पास कुमाडजी गडेरे में बादल फटने से गांव के पैदल मार्ग, पेयजल लाइन, प्राकृतिक जल स्रोत सहित गांव की कई परिसंपत्तियों को भारी नुकसान हुआ है।

    ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र ही परिसंपत्तियों को ठीक करने और प्रभावित परिवारों की मुआवजा राशि देने की मांग की है। साथ ही ठेला गांव के सिला नामे तोक में एक पैदल पुलिया भी क्षतिग्रत हो गई है। लोग मौसम के अगले दौर को लेकर चिंतित हैं और प्रशासन से सुरक्षा इंतज़ाम पुख्ता करने की मांग कर रहे हैं। क्षेत्रीय विधायक शक्ति लाल शाह ने तहसील प्रशासन को शीघ्र ही आपदा प्रभावित गांवों में जाकर रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजने के निर्देश दिए हैं।

    गेंवाली में नहीं पहुंच पाई प्रशासन की टीम

    आपदा प्रभावित गांव गेंवाली को जोड़ने वाली सड़क तोली-जखाना मोटर मार्ग बंद होने ने कारण राजस्व टीम सुबह से गांव नहीं पहुंच पाई हैं। जिससे अभी गांव में आपदा से कितना नुकसान हुआ है, इसका पता नहीं चल पा रहा हैं। विधायक शक्ति लाल शाह ने तहसील प्रशासन को एक स्वास्थ्य टीम और राजस्व विभाग ने कर्मचारियों को मौके पर भेजने के निर्देश एसडीएम घनसाली संदीप कुमार दिए हैं।

    चकरेडा के सरोली तोक में राजस्व टीम भेजी गई है। प्रभावित परिवारों को गांव में ही उनके अन्य रिश्तेदारों के यहां शिफ्ट कराया गया है। जबकि सुमार्थ गांव में एक पशु हानि हुई हैं। गाय का पोस्टमार्टन कराने के बाद पीड़ित को शनिवार को 37500 रूपये की राहत राशि का चेक सौंपा जाएगा।वहीं गेंवाली को जोड़ने वाली तोली-जखाणा मोटर मार्ग की सड़क जखाणा के पास पूरी तरह से वासआटर हो चुकी है। जिससे आपदा प्रभावित गांव गेंवाली में जाना संभव नहीं हाे पा रहा है। आपदा प्रभावितों की हर संभव मदद के प्रयास प्रशासन की ओर से किए जा रहे हैं। - संदीप कुमार, एसडीएम घनसाली