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    Rudraprayag News: अब तक 51 हजार से अधिक VIPs पहुंच चुके बदरीनाथ-केदारनाथ धाम, एक करोड़ के पार पहुंची मंदिर समिति की आय

    By Brijesh bhattEdited By: riya.pandey
    Updated: Tue, 31 Oct 2023 06:19 PM (IST)

    Badrinath-Kedarnath Dham Yatra 2023 श्री बदरीनाथ व श्री केदारनाथ धाम में इस वर्ष अब तक 51696 वीआईपी और वीवीआईपी दर्शनों को पहुंचे। वीआईपी से मंदिर समिति (बीकेटीसी) को रुपये 15508800 की आय हुई। बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय के बताया कि इस वर्ष 25 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के पश्चात अब तक 15612 विशिष्ट व अतिविशिष्ट और उनके संदर्भों से आए महानुभावों ने दर्शनों का लाभ उठाया है।

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    Badrinath-Kedarnath Dham Yatra 2023: अब तक 51 हजार से अधिक वीआईपी पहुंचे बदरी-केदार धाम

    संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग। Badrinath-Kedarnath Dham Yatra 2023: श्री बदरीनाथ व श्री केदारनाथ धाम में इस वर्ष अब तक 51,696 वीआईपी और वीवीआईपी दर्शनों को पहुंचे। वीआईपी से मंदिर समिति (बीकेटीसी) को रुपये 1,55,08,800 की आय हुई।

    बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय के बताया कि इस वर्ष 25 अप्रैल को केदारनाथ धाम (Kedarnath Dham) के कपाट खुलने के पश्चात अब तक 15,612 विशिष्ट व अतिविशिष्ट और उनके संदर्भों से आए महानुभावों ने दर्शनों का लाभ उठाया है। इससे बीकेटीसी को रुपये 46,83,600 का लाभ हुआ।

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    दोनों धामों में रहती है वीआईपी व वीवीआईपी श्रद्धालुओं की भीड़

    इसी प्रकार 27 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट (Badrinath Dham) खुलने के पश्चात वहां अभी तक 36,084 हजार विशिष्ट व अतिविशिष्ट महानुभाव दर्शनों के लिए पहुंचे। इनसे बीकेटीसी को रुपये 1,08,25,200 प्राप्त हुए।

    यात्राकाल में दोनों धामों में प्रोटोकॉल के तहत वीआईपी व वीवीआईपी श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। बीकेटीसी वीआईपी श्रद्धालुओं को प्राथमिकता के आधार पर दर्शन कराती थी और निःशुल्क प्रसाद भी देती थी। इन श्रद्धालुओं से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता था। वीआईपी व वीवीआईपी श्रद्धालुओं के नाम पर अनेक अव्यवस्थाएं भी पैदा होती थीं।

    प्रति व्यक्ति 300 रुपये निर्धारित

    इस वर्ष यात्राकाल से पूर्व बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र ने देश के चार बड़े मंदिरों श्री वैष्णोदेवी, श्री तिरूपति बाला जी, श्री सोमनाथ व श्री महाकाल मंदिर में विभिन्न व्यवस्थाओं के अध्ययन के लिए अलग-अलग दल भेजे थे। इन दलों ने वहां की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर मंदिरों में आने वाले विशिष्ट व अति विशिष्ट महानुभावों से दर्शनों के लिए शुल्क निर्धारित करने का प्रस्ताव रखा था। बीकेटीसी ने अध्ययन दलों के सुझाव पर प्रति व्यक्ति 300 रुपये निर्धारित किया था।

    बीकेटीसी ने सीएम धामी के नाम पर काटी थी पहली पर्ची 

    बीकेटीसी द्वारा नई व्यवस्था कायम किए जाने के बाद वीआईपी व वीवीआईपी के नाम पर अनावश्यक रूप से दर्शनों के लिए घुसने वालों पर भी रोक लगी है। बीकेटीसी ने इस नई व्यवस्था की शुरुवात इस वर्ष केदारनाथ धाम से शुरू की थी। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर बीकेटीसी ने पहली पर्ची मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) की काटी थी। मुख्यमंत्री ने 300 रुपये का शुल्क चुका कर दर्शन किये थे।

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