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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Monsoon in Uttarakhand: बारिश के चलते केदारनाथ यात्रा पर लगी रोक, उत्‍तरकाशी में बिजली गिरने से एक की मौत

By Jagran NewsEdited By: Nirmala Bohra
Published: Sun, 25 Jun 2023 01:11 PM (IST)

Monsoon in Uttarakhand रविवार तड़के से उत्‍तराखंड के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है। ...और पढ़ें

Monsoon in Uttarakhand: सोनप्रयाग में यात्रियों को केदारनाथ जाने से रोका गया है।
Monsoon in Uttarakhand: सोनप्रयाग में यात्रियों को केदारनाथ जाने से रोका गया है।

टीम जागरण, रुद्रप्रयाग: Chardham Yatra 2023: उत्‍तराखंड में मानसून पहुंच गया है। जिसके चलते रविवार तड़के से उत्‍तराखंड के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है। बारिश के चलते केदारनाथ यात्रा बाधित हुई। सोनप्रयाग में यात्रियों को केदारनाथ जाने से रोका गया है।

केदारनाथ पैदल मार्ग पर भारी बारिश के चलते यात्रियों को विभिन्न पड़ावों पर रोका गया है। पैदल मार्ग पर कई स्थानों पर प्राकृतिक झरने उफान पर हैं।

आकाशीय बिजली गिरने से चार झुलसे, एक की मौत

उत्तरकाशी के पुरोला के कंडियाल गांव में आकाशीय बिजली गिरने से चार व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गए। जिनमें एक युवक की अस्पताल लाते समय मौत हो गई है। खेतों में धान की रोपाई करते समय यह घटना हुई है।

आकाशीय बिजली से अभिषेक (20) पुत्र धीरज पाल निवासी कंडियाल गांव की मौत हुई है। जबकि निखिल पुत्र खुशपाल, अशोक पुत्र खुशपाल और चंद्र सिंह जयाड़ा निवासी कंडियाल गांव झुलसकर घायल हुए हैं। जिन्हें सीएचसी पुरोला में प्राथमिक उपचार दिया गया। जिसके बाद उन्हें देहरादून कोरोनेशन अस्पताल में रेफर किया गया।

वहीं नौगांव ब्लाक के ग्राम पंचायत जरड़ा के सिनदरा नामे तोक में आकाशीय बिजली गिरने से चार पशुओं की मौत हो गई। पशुओं को चुगाने के लिए गई एक लड़की भी झुलस गई है।

काकभुसंडी पैंका गांव के लिए वैकल्पिक मार्ग हुआ सुचारू

जोशीमठ में काकभुसंडी ट्रैक के रास्ते में पैंका गदेरे में बादल फटने से हुए नुकसान का आंकलन तहसील की टीम ने किया है। पुल व पैदल रास्ता बहने से पैंका के ग्रामीणों की बाधित हुई आवाजाही को भी वैकल्पिक पैदल मार्ग बनाकर सुचारू कर दिया गया है। गौरतलब है शनिवार को जोशीमठ से दूरस्थ गांव पैंका के गांव के पास बादल फटने से गदेरा उफान पर आ गया था। जिससे बदरीनाथ हाइवे पर बलदौड़ा के पास पैंक पैदल मार्ग पर पुलिया व 20 मीटर पैदल रास्ता बह गया था।

बीते दिन से ग्रामीणों की आवाजाही में दिक्कतें आ रही थी। प्रशासन ने गांव के लिए वैकल्पिक पैदल रास्ता बनाकर आवाजाही सुचारू कर दी है। हालांकि सड़क मार्ग से चार किमी पैदल पैंका गांव के लिए वैकल्पिक पैदल मार्ग से घोड़ खच्चर व मवेशी नहीं जा पाएंगे। इस पैदल ट्रैक से काकभुसंडी तीर्थ भी जाते हैं। इन दिनों काकभुसंडी तीर्थ की यात्रा जारी है।

इस ट्रैक पर भी यात्री पर्यटकों की आवाजाही सुचारू कर दी गई है। पैंका गांव निवासी वीरेंद्र सिंह चौधरी का कहना है कि बादल फटने से गदेरा उफान पर था। गदरे में कई जगह कटाव से गांव व खेतों को भी खतरा है।

झुनी के पंकुटाप पर ब्रजपात से 400 बकरियां मरीं

बागेश्वर में आकाशीय बिजली गिरने से कपकोट तहसील क्षेत्र में 400 बकरियों की मौत हो गई है। तहसील प्रशासन की टीम घटना स्थल पहुंची। मुआयना किया और रिपोर्ट आपदा प्रबंधन को भेज दी है। क्षेत्रीय विधायक ने कहा कि बकरी पालकों को भारी नुकसान हुआ है। जिसका शीघ्र मुआवजा दिलाया जाएगा।

कपकोट तहसील क्षेत्र के झुनी पंकुटाप पर चरवाहों की बकरियों पर बज्रपात हुआ है। सूचना पाकर पशुपालन और राजस्व विभाग की टीम झुनी गांव गई है। मौका मुआयना किया गया गया हे। घटना स्थल पर बज्रपात से 400 बकरियों की मौत होने की पुष्टि हुई है। जिससे चरवाहों का भारी नुकसान हुआ है।

विधायक कपकोट सुरेश गढ़िया ने दूरभाष के माध्यम से राजस्व टीम और पशुपालन विभाग को नुकसान का मुआयना कर शीघ मुआवजे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाएं कपकोट के लिए अभिशाप बनकर आतीं हैं। जिससे लोगों को वर्षाकाल में भारी नुकसान होता है। वह सरकार से भी आपदा पीड़ितों को हरसंभव मदद कराने को कहेंगे।

इधर, जिला आपदा अधिकारी शिखा सुयाल ने कहा कि झुनी के पंकुटाप के पास खीम सिंह के आवास के समीप बज्रपात से बकरियों के मरने की सूचना प्राप्त है। तहसील कंट्रोल रूम कपकोट, पटवारी, पशु चिकित्सा अधिकारी गांव पहुंचे हैं। जिसकी रिपोर्ट बनाकर वह जिला आपदा प्रबंधन को देंगे। उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।

भूस्खलन होने से आवासीय मकान को खतरा

वहीं उत्तरकाशी में अनुसूचित जाति बहुल्य क्षेत्र ज्ञानसू पाडुली में शनिवार सुबह की वर्षा से भूस्खलन होने से आवासीय मकान को खतरा हो गया है। इस संबंध में प्रभावित ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। प्रभावित परिवार ने कहा कि उनके घर हो जोड़ने वाला रास्ता भी टूट गया है।

अगले 24 घंटे में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक बिक्रम सिंह ने कहा कि मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिसे देखते हुए रविवार से देहरादून समेत सात जनपदों में अगले 24 घंटे में भारी से बहुत भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया किया गया है। इस दौरान देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चंपावत, पिथौरागढ़, नैनीताल व बागेश्वर जनपदों में कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा हो सकती है।