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    Kedarnath Disaster 2013: आपदा के बाद चारधाम यात्रियों की पहली पसंद बना केदारनाथ, ठहरने-रहने की व्यवस्था हुई बेहतर

    Updated: Sun, 15 Jun 2025 11:00 PM (IST)

    2013 की आपदा के बाद केदारनाथ धाम यात्रियों की पहली पसंद बन गया है। यात्रियों के रहने खाने और यात्रा मार्ग पर बेहतर व्यवस्था की गई है। 2022 में बदरीनाथ से ज़्यादा यात्री केदारनाथ पहुंचे। यात्रियों के लिए कॉटेज बने हैं और नया 10 किमी का रास्ता भी तैयार किया गया है। हेली सेवाओं का क्रेज भी यात्रियों में खूब है।

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    बीत दो वर्षों में सबसे अधिक यात्री पहुंचे केदारनाथ धाम। जागरण आर्काइव

    संवाद सहयोगी जागरण, रुद्रप्रयाग। वर्ष 2013 की आपदा में भले ही केदारनाथ धाम में त्रासदी से अस्सी प्रतिशत केदारपुरी ताबह हो गई थी, लेकिन पिछले 12 वर्षों में केदारपुरी चारधाम यात्रा में सबसे पहली पसंद देश विदेश के यात्रियों की बन चुकी है।

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    केदारपुरी के दर्शनों को लेकर भक्तों में भारी क्रैज है। यात्रियों के रहने से लेकर खाने व पैदल मार्ग पर बेहत्तर व्यवस्थाएं की गई हैं, साथ ही हेली सेवाओं से भी बड़ी संख्या में यात्री दर्शनो को पहुंच रहे हैं।

    2013 में पूरे विश्व का ध्यान अपनी ओर खींचा

    केदारनाथ धाम में आपदा से पूर्व के वर्षों में प्रतिवर्ष यात्रियों की संख्या तीन लाख से साढ़े चार लाख के बीच रहती थी, सरकार का ध्यान भी केदारनाथ यात्रा पर ज्यादा विशेष नहीं था। लेकिन वर्ष 2013 की केदारनाथ यात्रा ने पूरे विश्व का ध्यान अपनी ओर खींचा और आपदा के बाद संवरी केदारपुरी के दर्शनों को देश के कोने-कोने से केदार बाबा के दर्शनों को पहुंचने लगे।

    हालांकि आपदा के बाद कुछ वर्षों तक केदारनाथ धाम में सीमित संख्या में ही यात्रियों को जाने की अनुमति दी गई। रहने व खाने समेत सभी व्यवस्थाएं सरकार द्वारा निशुल्क यात्रियों के लिए की गई, लेकिन फिर धीरे-धीरे केदारनाथ धाम में व्यवस्थाएं दुबारा जुटने से यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ। पहली बार वर्ष 2022 में बदरीनाथ धाम से भी अधिक यात्री केदार बाबा के दर्शनों को पहुंचे। लगातार दर्शन करने वाले श्रद्वालुओं की संख्या भी कई गुना अधिक बढ़ गई है।

    यात्रियों के रहने के लिए शानदार काटेज का निर्माण किया गया है। आपदा के बाद भीमबली से केदारनाथ तक 10 किमी नया रास्ता तैयार किया गया था, जिसमें लिनचोली, छोटी लिनचोली, रुद्रा प्वांइट, समेत कई छोटे बाजार विकसित किए गए हैं। केदारनाथ पैदल मार्ग भी पहले के मुकाबले काफी अच्छा व सुरक्षित हो गया है। पूरे मार्ग पर रैलिंग लगाई गई हैं। जबकि मार्ग भी काफी तीन से चार मीटर तक चौड़ा किया गया है।

    लिनचोली, छोटी लिनचोली, रुद्रा प्वाइट, समेत कई पड़ाव विकसित कर यहां यात्रियों के रहने के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं। वर्तमान में केदारपुरी में बीस हजार से अधिक यात्रियों के रहने की व्यवस्था है। स्थानीय युवाओं को भी टेंट लगाने की अनुमति दी गई है। इन अस्थाई टेंटों में भी बड़ी संख्या में यात्री निवास कर रहे हैं। जिससे की रोजगार भी मिल रहा है।

    वहीं हेली सेवाओं के प्रति भी यात्रियों में भारी क्रैज बढ़ गया है, केदारपुरी में हेली दर्शन करने वाले यात्रियों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई और प्रतिवर्ष औसतन डेढ़ लाख यात्री हेली सेवा से बाबा के दर्शनों को पहुंचते हैं।

    वर्षवार केदारनाथ धाम पहुंचे तीर्थयात्री

    • वर्ष - कुल तीर्थयात्री
    • 2025 -1044872 (जून 14 तक)
    • 2024 -1652076
    • 2023 -19,57,850
    • 2022 -15,63,278
    • 2021 -2,42,712
    • 2020 -1,35,287
    • 2019 -10,00,035
    • 2018 -7,72,390
    • 2017 -4,71,235
    • 2016 -3,49,123
    • 2015 -1,59,340
    • 2014 -39,500
    • 2013 -3,33,774