यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Dengue: रुड़की में मिले डेंगू के इतने मरीज, स्वास्थ्य विभाग में मच गया हड़कंप; पहली बार सामने आया मामला
Dengue Outbreak in Roorkee उत्तराखंड के रुड़की में डेंगू का प्रकोप देखने को मिल रहा है। नारसन ब्लॉक के ठसका ...और पढ़ें

संवाद सहयोगी, जागरण, रुड़की। Dengue Outbreak in Roorkee: नारसन ब्लॉक के ठसका गांव में एक साथ 18 मरीज डेंगू पॉजिटिव मिलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। गांव में कई लोगों को एक साथ बुखार आने की सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम बुधवार को ठसका गांव पहुंची थी।
इस दौरान टीम की ओर से कुल 68 ग्रामीणों के सैंपल लिए गए थे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक दो डेंगू पॉजिटिव मरीजों को कस्बा के निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है। जबकि अन्य लोगों के लिए विभाग की ओर से उनके घर पर ही जरूरी दवाईयां भेजी गई हैं।
पहली बार एक साथ डेंगू के इतने अधिक मामले सामने आए
इस डेंगू सीजन में जिले से पहली बार एक साथ डेंगू के इतने अधिक मामले सामने आए हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग भी सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि नारसन ब्लॉक के ठसका गांव में एक साथ कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर कुल 68 लोगों के सैंपल लिए थे।
डेंगू की एलाइजा जांच के बाद इनमें से कुल 18 मरीजों में डेंगू की प्रमाणिक पुष्टि हुई है। इस संबंध में जिला मलेरिया अधिकारी गुरनाम सिंह ने बताया कि गांव में फॉगिंग कराई जा रही है। साथ ही डेंगू पीड़ित मरीजों का घर पर ही उपचार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ग्रामीणों की स्वास्थ्य प्रतिक्रियाओं पर नजर रख रही है। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से कैंप लगाकर अन्य ग्रामीणों के भी सैंपल लिए जाएंगे।
लापरवाही का लगाया आरोप
नारसन ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ठसका गांव के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर सही ढंग से साफ-सफाई न कराने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव का प्रधान दूसरे शहर में रहता है। ऐसे में गांव की सही ढंग से देखभाल नहीं हो पा रही है। गांव में गंदगी पसरी हुई है और मच्छर भी पनप रहे हैं। जो ग्रामीणों के लिए बीमारी का कारण बन रहे हैं।

नगर निगम ने गंगनहर में रुके हुए पानी में की फॉगिंग
डेंगू के खतरे को देखते हुए नगर निगम की ओर गंगनहर में रुके हुए पानी और घाट किनारे फॉगिंग की गई। वहीं निगम की ओर से कॉलोनी, मोहल्लों और हाईवे पर भी फाॅगिंग करवाई जा रही है। इस समय डेंगू का खतरा बना हुआ है। हालांकि गत वर्ष की तुलना में इस साल शहर में डेंगू के मामले कम देखने को मिल रहे हैं।
उधर, नगर निगम की ओर से डेंगू से बचाव के लिए शहर में सभी वार्डों में पेटी स्प्रे और फॉगिंग का कार्य करवाया जा रहा है। इसके लिए निगम की ओर से टीमों का गठन किया गया है। वहीं पिछले कई दिनों से गंगनहर बंदी के कारण इसमें पानी ठहरा हुआ है। ऐसे में इस रुके हुए पानी में डेंगू के लिए जिम्मेदार एडीज मच्छर के पनपने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में निगम की ओर से बुधवार को सोलानी पार्क से लेकर लोहे के पुल तक गंगनहर में और घाट किनारे फॉगिंग की गई।
नगर निगम के वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि गंगनहर के रुके हुए पानी में बुधवार को फॉगिंग करवाई गई। उन्होंने बताया कि गुरुवार को लोहे के पुल से आगे गंगनहर में फॉगिंग की जाएगी।
