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    बाबा केदार के रुद्रप्रयाग में बादल फटने से तबाही, जलप्रलय में बहे कई घर-वाहन; छह लोग लापता

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 01:07 PM (IST)

    रुद्रप्रयाग जिले में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। बसुकेदार तहसील के बड़ेथ डुंगर तोक क्षेत्र में भूस्खलन से कई घर और वाहन दब गए जिसमें छह लोगों के लापता होने की सूचना है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत व बचाव कार्य में जुटी हैं। मंदाकिनी नदी के कटाव से विजयनगर में पार्किंग की जमीन भी धंस गई है। प्रशासन प्रभावित लोगों को सहायता पहुंचा रहा है।

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    बड़ेथ डुंगर तोक क्षेत्र में बादल फटने से भूस्खलन. Jagran

    जासं, रुद्रप्रयाग। जिले के बसुकेदार और जखोली तहसील के कई गांवों में अतिवृष्टि कहर बनकर टूटी। बसुकेदार के छेनागाढ़ में आठ लोग लापता चल रहे हैं, जिसमें चार नेपाली मूल के श्रमिक भी हैं। जखोली तहसील के जखोली गांव में मलबे में दबने से महिला की मौत हो गई।

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    बसुकेदार तहसील के छह गांवों में 24 से अधिक भवनों को नुकसान पहुंचा है। अब तक करीब 150 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। कई स्थानों पर मोटरमार्ग क्षतिग्रस्त होने से प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में रेस्क्यू टीमों को दिक्कतें आ रही हैं। वर्षा और अतिवृष्टि के चलते अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से तीन मीटर ऊपर बह रहा है।

    शुक्रवार रात लगभग ढाई बजे बसुकेदार क्षेत्र में बादल फटने से तालजामड़, बगड़तोक, कम्द तोक, स्यूर, किमाणा, अरखुंड, जौला बडेथ में भारी नुकसान पहुंचा। खेत मलबे में बह गए, जबकि 40 भवनों को नुकसान पहुंचा है। स्यूंर में भवनों के साथ ही दो से तीन वाहनों के बहने की सूचना है। अरखुड में मछली तालाब और मुर्गी फार्म बह गया है। लोगों ने विद्यालय और अन्य सुरक्षित स्थानों में जाकर जान बचाई। छेनागाड़ में भूस्खलन के कारण पांच दुकानें और चार आवासीय भवन मलबे में समा गए। यहां आठ लोग लापता चल रहे हैं।

    इनमें सते सिंह नेगी निवासी भैवर गांव हाल छेनागाढ़ (व्यापारी), कुलदीप सिंह नेगी, वन श्रमिक छेनागाढ़, नीरज व्यापारी, राजबुगाना निवासी डांगी के अलावा चार नेपाली मूल के श्रमिक शामिल हैं। वहीं, जखोली तहसील के जखोली गांव में सरिता देवी की मलबे में दबकर मौत हो गई। वह जिस मकान में रह रही थी, उस भवन के पीछे की दीवार टूटकर गिर गई।

    बसुकेदार क्षेत्र के तालजामण, छेनागाड, देवल और स्यूंर में तक पहुंचने वाले सड़क मार्ग भी कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने से रेस्क्यू टीमों को पैदल ही पहुंचना पड़ा। एसडीआरएफ रेस्क्यू टीम के अपर उप निरीक्षक हरीश बंगारी ने बताया कि तालजामण में लगभग 120 लोगों को राजकीय प्राथमिक विद्यालय पहुंचाया गया। अब तक यहां 150 स्थानीय लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है। छेनागाड़ में फंसी बस के ड्राइवर और कंडक्टर सहित आस-पास फंसे लोगों का भी डीडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू किया।

    एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीमों की ओर से राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया है। क्षति के आकलन के लिए राजस्व टीम भी रवाना की जाएगी। एनएच लोनिवि, लोनिवि और पीएमजीएसवाई की ओर से अवरुद्ध सड़कों को खोला जा रहा है। प्रभावित लोगों के रहने के लिए राहत कैंप बनाए गए हैं। प्रभावितों की सहायता के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों सहित क्षेत्रीय पटवारियों की तैनाती की गई है। मुख्य चिकित्साधिकारी को चार डाक्टरों सहित मेडिकल टीम को तुरंत मौके के लिए रवाना करने के निर्देश दिए गए हैं। ये टीमें तीन दिन तक प्रभावित गांवों में रहेंगी। - प्रतीक जैन, जिलाधिकारी, रुद्रप्रयाग

    मंदाकिनी नदी के कटाव‌ से पार्किंग धंसी

    रुद्रप्रयाग के थाना अगस्त्यमुनि क्षेत्रान्तर्गत विजयनगर कस्बे में बनी पार्किंग की जमीन मंदाकिनी नदी के कटाव के कारण धंस गयी है। पुलिस उपाधीक्षक रुद्रप्रयाग प्रबोध कुमार घिल्डियाल ने निरीक्षण किया और यहां के वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर खड़े कराए जाने तथा सुरक्षा के दृष्टिगत प्रभावी यातायात प्रबंधन किये जाने के निर्देश दिए गए।