चीन सीमा से लगे पिथौरागढ़ में बाबू जगजीवन राम मेडिकल कॉलेज शुरू, हरियाणा की युविका बनीं दाखिला लेने वाली पहली छात्रा
पिथौरागढ़ में बाबू जगजीवन राम मेडिकल कॉलेज शुरू हो गया है, जहाँ हरियाणा की युविका पहली छात्रा बनी हैं। यह ...और पढ़ें
HighLights
पिथौरागढ़ में बाबू जगजीवन राम मेडिकल कॉलेज का शुभारंभ हुआ।
हरियाणा की युविका कॉलेज की पहली प्रवेश लेने वाली छात्रा बनीं।
यह कॉलेज सीमांत जिले में बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान करेगा।
जागरण संवाददाता, पिथौरागढ़। चीन और नेपाल की सीमा से लगे सीमांत जनपद में पलायन का एक प्रमुख कारण चिकित्सा व्यवस्था रही है। जिला अस्पताल से लेकर दर्जनों सीएचसी, पीएचसी अस्पतालों के बाद भी सीमांत के लोगों को दो सौ किमी दूर जाकर समुचित उपचार मिलता है।
इस उपचार के लिए कई लोगों को रास्ते में ही दुनिया से विदा होना पड़ता है। ऐसे जिले में जब एक अच्छे अस्पताल की कल्पना भी लोग नहीं करते हों वहां मेडिकल कालेज भी आरंभ हो चुका है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल बाबू जगजीवन राम मेडिकल कालेज में हरियाणा की युविका प्रवेश लेने वाली प्रथम छात्रा बनी तो झुंझुनू राजस्थान की मिलन दूसरी छात्रा रही हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्राथमिकता में शामिल बाबू जगजीवन राम मेडिकल कालेज भवन निर्माण राज्य और केंद्र सरकार के सात सौ करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ है। मेडिकल कालेज में इस सत्र के लिए 50 सीटे स्वीकृत हैं। जिसमें सात सीटें केंद्र के कोटा की तो 43 सीटें राज्य कोटा से हैं।
केंद्र के कोटा से दो छात्राएं प्रवेश के लिए पहुंची हैं। जो कालेज के प्रथम बैच के अंग हैंं। प्रथम सत्र के लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी है और फैकल्टी तैनात हो चुकी हैं। 90 प्रतिशत से अधिक निर्माण कार्य हो चुका है।
कालेज प्रबंधन के अनुसार प्रथम बैच के लिए सभी तैयारियां पूरी हैं। सारे लैब बन चुके हैं, जिसमें मानकों के तहत पढ़ाई और क्लीनिकल प्रशिक्षण उपलब्ध होगा। प्राचार्य डा. एके सिंह के अनुसार 26 अक्टूबर के बाद कक्षाएं संचालित होंगी।
अंतिम काउंसलिंग 26 अक्टूबर को होनी है। वह बताते हैं कि मेडिकल कालेज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहली प्राथमिकता रही है वह लगातार प्रगति की समीक्षा करते आ रहे हैँ।
युवा चिकित्सा शिक्षा ग्रहण करेंगे तो सीमांतवासियों को उपचार के लिए मिलेगे विशेषज्ञ चिकित्सक
जिला मुख्यालय के सबसे आकर्षक डेस्टिनेशन पर बना मेडिकल कालेज सीमांतवासियों के लिए वरदान साबित होगा। एक तरफ जहां युवा चिकित्सा शिक्षा ग्रहण करेंगे तो दूसरी तरफ सीमांतवासियों को विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ ही चिकित्सा संसाधनों का लाभ मिलेगा।
बीमारी गंभीर होने पर उपचार के लिए हल्द्वानी, बरेली जाने से मुक्ति मिलेगी। सीमांत जिले के चीन सीमा से लगे गांवों की हल्द्वानी की दूरी चार सौ किमी तक है। अब आने वाले समय में ग्रामीणों को अपने ही जिला मुख्यालय में यह सुविधा मिलेगी।
सीएम का जिला होने से तेजी से चल रहा है कार्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मूल रुप से पिथौरागढ़ जिले की डीडीहाट तहसील के निवासी हैँ। वह सीमांत जिले की चिकित्सा व्यवस्था से परिचित हैं। जिसे लेकर उन्होंने पिथौरागढ़ मेडिकल कालेज को अपनी प्राथमिकता में रखा। फलस्वरुप मेडिकल कालेज अपने निर्धारित समय से आरंभ हो रहा है। यह जिले के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है।
26 अक्टूबर से कक्षाएं संचालित होगी। फैकल्टी मिल चुकी हैं छात्रावास तैयार हैं। दो छात्राएंं प्रवेश के लिए पहुंच चुकी हैं। प्रथम सत्र के लिए छात्रावास, मैस व अन्य सभी तैयारियां पूरी हैं। अगले सत्र तक बाकी सभी तैयारियां पूरी हो जाएंगी।
प्रथम सत्र के लिए 50 विद्यार्थियों की मान्यता मिली है। जिसमें सात सीट का केंद्र सरकार का कोटा और 43 सीट का राज्य सरकार का कोटा है। स्टेट कोटे की 10 अक्टूबर तक काउंसलिंग हो जाएगी और 15 तक प्रवेश हो जाएंगे।
डा. एके सिंह , प्राचार्य ,बाबू जगजीन राम मेडिकल कालेज पिथौरागढ़
