मल्ला जौहर में भूस्खलन और ठंड से 80 भेड़-बकरियों की मौत, पशुपालक फंसे, मदद की गुहार
मल्ला जौहर क्षेत्र में लगातार बारिश, भूस्खलन और कड़ाके की ठंड से लगभग 80 भेड़-बकरियों की मौत हो गई है, ...और पढ़ें
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जागरण संवाददाता, पिथौरागढ़। मुनस्यारी-मल्ला जौहर क्षेत्र से अपने पशुधन के साथ लौट रहे भेड़ पालकों पर मौसम की दोहरी मार पड़ी है। मपांग के पास लगातार बारिश, भूस्खलन और कड़ाके की ठंड की चपेट में आने से लगभग 70 से 80 भेड़-बकरियों की दर्दनाक मौत हो गई है।
पशुपालन पर निर्भर इन परिवारों के सामने अब आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इसके अलावा लीलम, मामा होटल, रलगाड़ी व स्युनी के पास मलबा आने से मोटर मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है।
इसके चलते मोहन सिंह, मोहन सिंह धामी और करन सिंह सहित कई पशुपालक पिछले दो दिनों से रास्ते में ही फंसे हुए हैं और मदद का इंतजार कर रहे हैं। इस घटना पर मदकोट-मुनस्यारी के जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि विक्रम दानू ने चिंता जताते हुए अपना बयान जारी किया है।
उन्होंने कहा, "सीमांत क्षेत्र के ये भेड़ पालक अत्यंत मेहनतकश हैं और पशुधन ही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है। प्रशासन को मानवीय आधार पर तत्काल मदद करनी चाहिए।
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हमारी मांग है कि राजस्व व पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम मौके पर भेजकर मृत पशुओं का पंचनामा कराया जाए और प्रभावितों को उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही फंसे पशुपालकों के लिए भोजन व राहत सामग्री की व्यवस्था कर मार्ग को युद्धस्तर पर खोला जाए।
