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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रामगंगा का सीना छलनी कर रहे खनन माफिया

By JagranEdited By:
Published: Thu, 07 Jan 2021 11:02 PM (IST)

ामगंगा नदी घाटी में कमतोली के समीप खनन का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है।

रामगंगा का सीना छलनी कर रहे खनन माफिया
रामगंगा का सीना छलनी कर रहे खनन माफिया

संवाद सूत्र, थल: रामगंगा नदी घाटी में खनन का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। खनन माफिया रामगंगा का सीना छलनी कर आपदा को न्योता दे रहे हैं। रात के अंधेरे में अवैध खनिज सामग्री को जिला मुख्यालय से लेकर डीडीहाट व अन्य क्षेत्रों में पहुंचाई जा रही है। बावजूद इसके पुलिस व राजस्व विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। इससे राजस्व व पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे गए हैं।

थल तहसील मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर कमतोली काकेदारेश्वर क्षेत्र खनन माफियाओं का अड्डा बन गया है। केदारेश्वर के साथ ही दिगरा मुवानी, नाचनी के फल्याटी, रिगुनिया, चिलिकिया में भी अवैध खनन धड़ल्ले से चल रहा है। खनन माफिया द्वारा रामगंगा नदी में अवैध तरीके से रेत निकाली जा रही है। यहां से घोड़े-खच्चरों के सहारे अवैध रेत को मुख्य सड़क तक पहुंचाया जा रहा है। जहां से रात के अंधेरे में रेत को वाहनों में भरकर पिथौरागढ़, डीडीहाट व अन्य क्षेत्रों में भेजा जा रहा है। लगातार हो रहे खनन के चलते रामगंगा नदी किनारे की समतल भूमि रोखड़ में तब्दील हो चुकी है। जिस कारण नदी के आसपास रहने वाले ग्रामीण सहमे हुए हैं। प्रतिवर्ष मानसून काल में रामगंगा नदी उफान पर आ जाती है। इससे नदी किनारे रहने वाली बस्तियों को खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खनन को रोकने के लिए कई बार पुलिस व राजस्व विभाग के अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है। बावजूद इसके अवैध खनन पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। लोगों ने पुलिस व राजस्व की भूमिका पर सवाल उठाते हुए जिलाधिकारी से शीघ्र इस ओर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। ======= रामगंगा नदी से खनन के अवैध कारोबार को रोकने के लिए मुवानी क्षेत्र के राजस्व उपनिरीक्षकों को ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए गए हैं। अवैध खनन किसी भी दशा में नहीं होने दिया जाएगा।

- केएन गोस्वामी, उपजिलाधिकारी, डीडीहाट।