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आदि कैलास और ओम पर्वत जाना हुआ आसान, देश के प्रथम गांव सीपू तक पहुंची सड़क

Published: Sat, 31 Oct 2026 03:01 PM (IST)

चीन सीमा से लगी दारमा घाटी के प्रथम गांव सीपू तक पहली बार मोटर वाहन पहुंचा है, जिससे क्षेत्र में विकास का नया अध्याय शुरू हुआ है।

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जागरण संवाददाता, पिथौरागढ़। तहसील धारचूला की चीन सीमा से लगी दारमा घाटी में विकास का नया इतिहास लिखा गया है। वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत बन रहे ढाकर-तिदांग-मारछा-सीपू मोटर मार्ग पर कटिंग कार् सीपू गांव तक पहुंच गया है और पहली बार 11,800 फीट की ऊंचाई पर बसे देश के प्रथम गांव सीपू तक मोटर वाहन पहुंचा।

पीएमजीएसवाई धारचूला के अधिशासी अभियंता इ.केएस ऐरी ने बताया कि इस मार्ग की कुल लंबाई 10 किमी है। अब तक यह गांव पूरी तरह पैदल संपर्क पर निर्भर था। सीपू तक मार्ग की कटिंग पूरी होने के बाद वाहन गांव तक पहुंच चुका है।

यह उपलब्धि केवल सड़क निर्माण नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। सड़क जुड़ने से ग्रामीणों के आवागमन में सुगमता होगी, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति आसान होगी, पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और पलायन रोकने के साथ सीमांत पर आबादी की स्थायित्व को मजबूती मिलेगी।

पिथौरागढ़ ; व्यास घाटी में गूंजी और कुटी तो पहले ही सड़क मार्ग से जुड़ चुके हैं। मुनस्यारी की जोहार घाटी में प्रथम गांव मिलम तक भी सड़क का निर्माण हो चुका है जहां तक वाहन चलने लगे हैं। दारमा घाटी में सबसे पहले सड़क बनी थी। तिदाग ढाकर तक थी और अब सड़क प्रथम गांव सीपू तक पहुंच चुकी है। जिले की तीनों ऊंची घाटियों के प्रथम गांव तक अब वाहनों से पहुंचा जा सकता है।

सीपू में पत्थर पर भगवान शिव के चरण हैं विद्यमान

सीपू गांव के पास ही महादेव मंदिर है जहां पर एक पत्थर पर भगवान शिव के पद चिन्ह हैं। माना जाता है कि यहां पर भगवान शिव ने लंबे समय तक खड़े होकर तपस्या की थी, जिसके चलते पत्थर पर उनके पद चिन्ह बने हैं।

सीपू तक मोटर मार्ग बनने से भगवान शिव के धाम आदि कैलास, ओम पर्वत के साथ ही भगवान शिव के चरणों के भी दर्शन कर सकेंगे। पंचाचुली ग्लेशियर जाने वाले पर्यटक भी वहां से सीपू तक वाहन पहुंच सकेंगे।

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